मुख्यमंत्री धामी ने वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के साथ किया संवाद, योजनाओं की किश्त जारी और नई घोषणाएं

मुख्यमंत्री धामी ने वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के साथ किया संवाद, योजनाओं की किश्त जारी और नई घोषणाएं

स्थान-देहरादून
सचिन कुमार

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्य सेवक संवाद कार्यक्रम के तहत राज्य के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के साथ सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांग विवाह अनुदान और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का सॉफ्टवेयर लॉन्च किया तथा समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत दी जा रही पेंशन की पांचवीं किश्त का ऑनलाइन भुगतान किया।

मुख्यमंत्री धामी ने इस मौके पर कई अहम घोषणाएं कीं।
दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन अनुदान राशि को 25,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है।
कक्षा 1 से 8 तक के दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं में आय सीमा समाप्त कर दी गई है।
राज्य के हर जनपद में एक वृद्धाश्रम स्थापित किया जाएगा।

योजनाओं का सीधा लाभ, पारदर्शिता का संकल्प


मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाएं तभी सार्थक होती हैं जब उनका लाभ ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ जमीनी स्तर तक पहुंचे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर वर्ग, खासकर वंचित और जरूरतमंदों की बेहतरी के लिए लगातार प्रयास कर रही है

दिव्यांगजनों के लिए मजबूत ढांचा

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं –

  • दिव्यांग सशक्तिकरण अधिनियम 2016
  • सुगम्य भारत अभियान
  • एडीआईपी योजना
  • दीनदयाल दिव्यांगजन पुनर्वास योजना
  • दिव्यांगजन स्वावलंबन योजना
  • दिव्यांग छात्रवृत्ति और पेंशन योजनाएं

राज्य सरकार द्वारा 96,000 से अधिक दिव्यांगजनों को पेंशन दी जा रही है।

  • 18 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांगों को 1500 रुपये मासिक
  • 18 वर्ष से कम आयु के दिव्यांग बच्चों को 700 रुपये मासिक सहायता
  • कृषि कार्य के दौरान दिव्यांग हुए ग्रामीणों को 1200 रुपये (तीलू रौतेली योजना)
  • 4 फुट से कम ऊंचाई वाले व्यक्तियों को भी बौना पेंशन योजना के अंतर्गत 1200 रुपये मासिक सहायता मिल रही है।

वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम लागू किया गया है, जो बुजुर्गों को कानूनी अधिकार देता है कि वे अपने भरण-पोषण की मांग कर सकें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य के 6 लाख से अधिक वृद्धजनों को DBT के माध्यम से पेंशन सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है।

वृद्धाश्रमों के विस्तार की योजना

  • वर्तमान में बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित
  • देहरादून, अल्मोड़ा और चंपावत में नए भवनों का निर्माण जारी
  • हरिद्वार, उधमसिंह नगर और नैनीताल सहित अन्य जनपदों में NGOs द्वारा वृद्धाश्रमों का संचालन

प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में देहरादून में प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र की शुरुआत की गई है, जहां दिव्यांग बच्चों को Early Intervention की सुविधा मिलेगी। आने वाले समय में राज्य के हर जनपद में ऐसे केंद्र खोलने की योजना है।

“आपका ये बेटा आपकी सेवा में समर्पित है”

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों से कहा:

“आपके आशीर्वाद से ही मैं राज्य का मुख्य सेवक बना हूं। मैं भरोसा दिलाता हूं कि आपका ये बेटा, आपकी सुरक्षा, सम्मान और सुविधाओं में कभी कोई कमी नहीं आने देगा।”