

स्थान :नैनीताल
ब्यूरो रिपोर्ट

नैनीताल/देहरादून। वर्ष 2020 में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पुलिस कर्मी को बरी कर दिया है और उसकी सेवा बहाली के निर्देश जारी किए हैं।


यह मामला 24 मई 2020 का बताया जा रहा है, जब कोविड लॉकडाउन के दौरान एक पुलिस कर्मी पर गंभीर आरोपों के तहत धारा 376 IPC (बलात्कार) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था और बाद में उसे निलंबित भी कर दिया गया था।


मामले के बाद लंबे समय तक ट्रायल कोर्ट में सुनवाई चलती रही। इसके पश्चात आरोपी की ओर से हाईकोर्ट में अपील दायर की गई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें पेश की गईं।

आरोपी की ओर से अधिवक्ता पंकज गोस्वामी ने हाईकोर्ट में पक्ष रखा और मामले की विस्तृत पैरवी की। उन्होंने तर्क दिया कि केस में पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।
मामले की सुनवाई के बाद वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकल पीठ ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपी को बरी करते हुए एसएसपी को निर्देश दिया कि संबंधित पुलिस कर्मी को तत्काल सेवा में बहाल किया जाए।

साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि निलंबन अवधि के दौरान रोकी गई वेतन और अन्य लाभ भी आरोपी को प्रदान किए जाएं।

इस फैसले के बाद कानूनी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अधिवक्ता पंकज गोस्वामी ने बताया कि लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद न्यायालय ने तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर यह निर्णय दिया है।

फिलहाल इस आदेश के बाद विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई प्रक्रिया में है।

