

संवाद्दाता- संजय जोशी

रानीखेत। उत्तराखंड के रानीखेत स्थित कुमाऊँ रेजीमेंटल सेंटर के संग्रहालय में आज का दिन ऐतिहासिक रहा। यहां पहली बार आमजन और आगंतुकों के लिए स्मृति चिन्ह दुकान और कैफेटेरिया का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन स्वयं कुमाऊँ रेजीमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर एस.के. यादव, वीएसएम ने किया।



कार्यक्रम का माहौल बेहद उत्साहपूर्ण रहा। उद्घाटन अवसर पर सेंटर के अधिकारियों, जवानों, उनके परिवारजनों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों ने शिरकत की। रिबन काटने के बाद ब्रिगेडियर यादव ने संग्रहालय में नई सुविधाओं का निरीक्षण किया और उपस्थित लोगों से कहा कि यह पहल आगंतुकों के अनुभव को और समृद्ध बनाएगी।



स्मृति चिन्ह दुकान की विशेषता
संग्रहालय में खुली स्मृति चिन्ह दुकान रेजीमेंट से जुड़े गौरवपूर्ण इतिहास की झलक प्रस्तुत करती है। यहां ऐसी कई वस्तुएँ उपलब्ध कराई गई हैं जिन्हें पर्यटक अपने साथ यादगार के तौर पर ले जा सकेंगे। इन स्मृति चिन्हों में रेजीमेंट की शौर्य गाथाओं से प्रेरित मॉडल्स, की-चेन, कैप्स, बैज, टी-शर्ट्स और अन्य आकर्षक उपहार शामिल हैं। दुकान का उद्देश्य सिर्फ बिक्री नहीं बल्कि आने वाले पर्यटकों को रेजीमेंट के शौर्य, बलिदान और गौरव से जोड़ना है।



कैफेटेरिया की सुविधा
संग्रहालय में आने वाले आगंतुकों के लिए अक्सर यह शिकायत रहती थी कि लंबे समय तक घूमने और प्रदर्शनी देखने के बाद आराम और जलपान की सुविधा नहीं मिलती। इस कमी को पूरा करने के लिए कैफेटेरिया की शुरुआत की गई है। यहां आने वाले पर्यटक अब न केवल रेजीमेंट के गौरवशाली इतिहास से रूबरू हो सकेंगे, बल्कि एक आरामदायक वातावरण में चाय, कॉफी, नाश्ता और हल्के-फुल्के व्यंजन का स्वाद भी ले सकेंगे।



उद्देश्य और महत्व
ब्रिगेडियर यादव ने इस अवसर पर कहा कि कुमाऊँ रेजीमेंटल सेंटर सिर्फ सेना का प्रशिक्षण स्थल नहीं, बल्कि यह एक ऐसी विरासत है, जो देशभक्ति और बलिदान की अनूठी मिसाल प्रस्तुत करती है। संग्रहालय में आने वाले हजारों लोग हर साल कुमाऊँ रेजीमेंट की गाथाओं को नजदीक से देखने आते हैं। नई सुविधाओं से उनका अनुभव और भी यादगार होगा।
इस मौके पर ब्रिगेडियर यादव ने कहा कि ये सुविधाएँ आगंतुकों के अनुभव को और बेहतर बनाएंगी और रेजीमेंट की गौरवशाली परंपराओं से जुड़ाव बढ़ाएँगी। कार्यक्रम में स्टाफ, परिवारजनों और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे




