

रुड़की, भगवानपुर। भगवानपुर थाना क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही ने एक बार फिर जान ले ली। 21 वर्षीय विवाहिता प्रसव के दौरान असमय मौत के हवाले हो गई और नवजात भी जिंदगी की जंग हार गया। इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि भगवानपुर क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है और स्वास्थ्य विभाग इस पर आंखें मूंदे बैठा है।




10×15 की दुकान में चला “डिलीवरी रूम”
जानकारी के मुताबिक, महिला की डिलीवरी एक ऐसी दुकान में कराई जा रही थी, जो महज 10×15 फुट की जगह थी। न बाहर बोर्ड, न डॉक्टर का नाम और न ही किसी तरह की पंजीकृत सुविधा। काले शीशों से ढकी इस दुकान में इलाज और डिलीवरी का खेल चल रहा था। परिजनों का कहना है कि प्रसव के दौरान झोलाछापों की लापरवाही से जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई।



लोगों का गुस्सा
घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि भगवानपुर क्षेत्र में इस तरह के कई झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम काम कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की नाकामी से लोगों की जान पर रोजाना खतरा बना रहता है।



गुप्त सूत्रों के मुताबिक, इन झोलाछाप डॉक्टरों से हर महीने की वसूली स्वास्थ्य विभाग तक जाती है। इसी कारण इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। स्थानीय लोग इसे स्वास्थ्य विभाग और झोलाछापों की मिलीभगत का परिणाम मान रहे हैं।



पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की सूचना मिलते ही भगवानपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



