

स्थान – चंपावत
रिपोर्ट – लक्ष्मण बिष्ट

चंपावत-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग स्वाला के पास पिछले छह दिनों से पूरी तरह बंद पड़ा है। लगातार हो रही बारिश और लापरवाही से सड़क पर मलबा जमा हो गया है, जिसके चलते चंपावत जिले के पर्वतीय क्षेत्र का संपर्क न केवल जिला मुख्यालय से कट गया है, बल्कि पिथौरागढ़ जनपद का संपर्क भी बाधित हो गया है। इस वजह से हजारों लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।



जनजीवन प्रभावित
छह दिन से मार्ग बंद रहने के कारण सैकड़ों वाहन चालक जगह-जगह फंसे हुए हैं। जरूरी सामान ढोने वाले ट्रक और अन्य वाहन जहां के तहीं खड़े हैं। स्थानीय व्यापारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है और जिला मुख्यालय में आवश्यक वस्तुओं की भी कमी देखने को मिल रही है। आम नागरिकों को रोजमर्रा की जरूरत की चीजें महंगी मिल रही हैं और कई बार बाजारों में सामान खत्म भी हो गया है।


मंत्री ने किया निरीक्षण
बुधवार को दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे ने मौके पर पहुंचकर राष्ट्रीय राजमार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। स्थिति का जायजा लेने के बाद उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सड़क को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए।



मंत्री का बयान
मंत्री ने साफ कहा कि सड़क निर्माण कार्य कर रही संस्था की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा –
“पूरे साल भर संस्था कोई काम नहीं करती और बरसात के दिनों में ही डेंजर स्थानों पर छेड़छाड़ करती है, जिससे मार्ग बंद हो जाता है। इसका खामियाजा जिले की जनता और व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। छह दिनों से सड़क पूरी तरह बंद है और पिथौरागढ़ का संपर्क भी टूटा हुआ है। यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।”

जनता की मुश्किलें
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बंद होने के कारण न केवल वाहन चालक फंसे हैं, बल्कि बीमारों और बुजुर्गों को भी अस्पताल तक ले जाना कठिन हो गया है। बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ा है और व्यापार ठप होने से रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है।



