चंपावत में राहत शिविर का निरीक्षण, जिलाधिकारी ने दिए सख़्त निर्देश

चंपावत में राहत शिविर का निरीक्षण, जिलाधिकारी ने दिए सख़्त निर्देश

स्थान: बनबसा (चंपावत)
रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट

जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और देखरेख के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मंगलवार देर शाम जिलाधिकारी मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने छीनीगोठ राहत शिविर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने बनबसा के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का भी जायजा लिया और शिविर में ठहरे परिवारों से संवाद कर उनकी समस्याओं व आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की।

प्रभावित परिवारों से सीधा संवाद

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार ने शिविर में ठहरे परिवारों से बातचीत करते हुए उपजिलाधिकारी आकाश जोशी को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक परिवार को घर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल राहत शिविर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों की संपत्ति और घरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।

मूलभूत सुविधाओं का लिया जायज़ा

जिलाधिकारी ने राहत शिविर में उपलब्ध भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को इन व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि किसी भी स्थिति में उनकी समस्याओं की अनदेखी नहीं की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन तुरंत मुहैया कराए जाएंगे।

सुरक्षित वातावरण प्राथमिकता

इस मौके पर पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने कहा कि राहत शिविरों में रह रहे सभी परिवार सुरक्षित वातावरण में रहें, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने शिविरों में पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए।

जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी भी मौजूद

निरीक्षण के दौरान विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार, उपजिलाधिकारी आकाश जोशी सहित राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा विद्युत विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों को राहत कार्यों में त्वरित और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

लगातार बारिश और बाढ़ से जूझ रहे प्रभावित परिवारों को प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।