चंपावत में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, राष्ट्रीय राजमार्ग बंद

चंपावत में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, राष्ट्रीय राजमार्ग बंद

स्थान: चंपावत
रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट

जिले में लगातार मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑल वेदर सड़क लगातार पांचवें दिन बंद है, जिससे चंपावत और पिथौरागढ़ जिले के बीच संपर्क पूरी तरह टूट गया है। कई वाहन अभी भी सड़कों में फंसे हुए हैं।

स्वाला क्षेत्र में भारी मलवा आने के कारण सड़क को आज भी खोलना संभव नहीं हो पाया। प्रशासन और एन एच मशीनरी लगातार सड़क खोलने के प्रयासों में जुटी हुई है, लेकिन लगातार बारिश और आ रहे मलवे से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। इसके अलावा संतोला डेंजर जोन में भी मलवा आने से सड़क बंद पड़ी है।

राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से चंपावत और पिथौरागढ़ के निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले की अन्य सड़कों के बंद होने से जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। मैदानी क्षेत्र टनकपुर और बनबसा में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

कल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा क्षेत्र का दौरा कर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अजय गणपति लगातार फील्ड में मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से यात्रा से बचने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है।

अब तक जिले में दर्ज बारिश का विवरण इस प्रकार है:

  • चंपावत जिला मुख्यालय: 64 मिमी
  • लोहाघाट: 27 मिमी
  • पाटी: 12 मिमी
  • टनकपुर: 44 मिमी
  • बनबसा: 64 मिमी

राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने के कारण उत्तराखंड परिवहन निगम को 15 से 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को भी भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ी है। जिले की सभी नदियां उफान पर हैं, लेकिन अभी तक जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। प्रशासन बंद पड़े आंतरिक मार्गों को खोलने के प्रयास लगातार कर रहा है।