अल्मोड़ा: जिलाधिकारी ने तहसीलदारों के साथ बैठक में पारदर्शिता और तत्परता पर जोर दिया

अल्मोड़ा: जिलाधिकारी ने तहसीलदारों के साथ बैठक में पारदर्शिता और तत्परता पर जोर दिया


रिपोर्ट – संजय जोशी

अल्मोड़ा। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडे की अध्यक्षता में तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासन की पहली जिम्मेदारी जनता के प्रति जवाबदेही है। उन्होंने सभी तहसील स्तर पर कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और तत्परता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा की किसी भी स्थिति में रिस्पांस टाइम न्यूनतम होना चाहिए और प्रभावित परिवारों तक मुआवजा राशि तत्काल और बिना किसी बाधा के पहुँचना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि आपदा राहत में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने खतौनी निर्माण के कार्य को शीघ्र पूरा करने और भूमि हस्तांतरण से जुड़े विवादों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए कहा कि किसी भी तहसील में भ्रष्टाचार की शिकायत पर तुरंत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित स्टाफ बैठकें आयोजित करने और जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तहसीलदार स्वयं किसी भी घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लें, ताकि प्रशासन की सक्रियता और जनता का भरोसा मजबूत हो।

बैठक में राजस्व पुलिस की कार्यप्रणाली की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि आपराधिक मामलों में तकनीकी खामियों की वजह से केस कमजोर नहीं पड़ने चाहिए। उन्होंने राजस्व पुलिस की कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया।

बैठक में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल, तहसीलदार बरखा जलाल, तितिक्षा जोशी, दीपिका आर्य, आबिद अली सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।