

चमोली। थराली आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं पुनर्वास कार्य लगातार तेज़ी से चल रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात सक्रिय रहकर व्यवस्थाओं को सुचारु करने में जुटे हुए हैं। विभागीय समन्वय से कार्यों में गति लाई जा रही है।



वर्तमान में आपदा क्षेत्र में 2 पोक्लैन मशीनें, 7 जेसीबी, 4 डम्पर और लगभग 88 मजदूर लगातार कार्य कर रहे हैं। सिंचाई विभाग ने थराली और चैपड़ो के आवासीय परिसरों से मलबा हटाने के लिए 40 मजदूर तैनात किए हैं, जबकि ग्रामीण निर्माण विभाग की ओर से 18 मजदूर कार्यरत हैं।



जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की तात्कालिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अब तक 150 खाद्यान्न किट और 120 तिरपाल वितरित किए हैं। राहत शिविरों में भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी में 22 और प्राथमिक विद्यालय चैपड़ो में 39 आपदा प्रभावित लोग रह रहे हैं। इस प्रकार कुल 61 लोग राहत शिविरों में ठहरे हुए हैं।



मुख्य अभियंता (गढ़वाल) मनीष मित्तल ने थराली-डुंगरी मोटर मार्ग का निरीक्षण किया। मार्ग पर पूर्व में स्लाइड हटाकर डम्पर के लिए रास्ता खोला गया था, लेकिन कल रात हुई बारिश के कारण मार्ग फिर से बंद हो गया। आज अतिरिक्त पोक्लैन मशीन लगाकर मार्ग खोलने का कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि शाम तक मशीन को कोटदीप स्लाइड तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।



जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद की जाएगी। राहत एवं पुनर्वास कार्यों को पूर्ण संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है।



