लगातार बारिश से गंगा उफान पर, चेतावनी स्तर पार – बाढ़ का खतरा बढ़ा

लगातार बारिश से गंगा उफान पर, चेतावनी स्तर पार – बाढ़ का खतरा बढ़ा

स्थान : हरिद्वार

पिछले कई दिनों से उत्तराखंड और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की आशंका गहरा गई है।

फिलहाल गंगा का जलस्तर 93.10 मीटर दर्ज किया गया है, जो चेतावनी स्तर से 10 सेंटीमीटर ऊपर है। जबकि खतरे का निशान 94 मीटर पर है। जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने गंगा किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण शर्मा ने बताया कि पहाड़ों में जारी मूसलधार बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “गंगा फिलहाल 293.10 मीटर (93.10 मीटर) पर बह रही है, जो चेतावनी स्तर से ऊपर है। अगर इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो मैदानी क्षेत्रों में भी प्रभाव पड़ना तय है।”

शर्मा ने बताया कि विभाग की ओर से बिजनौर बैराज, बदायूं और डाउनस्ट्रीम के अन्य जनपदों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है और लगातार जलस्तर व रिचार्ज की सूचना साझा की जा रही है। प्रशासन ने राहत व बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा है

इस बीच, हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में देर रात से लगातार बारिश जारी है, जिससे गंगा का जलस्तर और बढ़ने की संभावना बनी हुई है। यदि स्थिति नियंत्रण में नहीं आई तो खेतों, घरों और निचले इलाकों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, सतर्क रहें, और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।