डूबती सहकारी समिति को दी नई संजीवनी, अरुण सोलंकी की मेहनत लाई रंग

डूबती सहकारी समिति को दी नई संजीवनी, अरुण सोलंकी की मेहनत लाई रंग

स्थान – जसपुर
रिपोर्टर – प्रदीप श्रीवास्तव

जहां एक ओर उत्तराखंड सरकार राज्य की घाटे में चल रही सहकारी समितियों को बंद करने की तैयारी में है, वहीं जसपुर की बहुउद्देशीय फीकापार किसान सेवा सहकारी समिति ने अपने प्रदर्शन से एक मिसाल पेश की है। कभी दयनीय स्थिति में पहुंच चुकी इस समिति को प्रबंध निदेशक अरुण सोलंकी ने संजीवनी दी है।

मई 2023 में जब अरुण सोलंकी ने समिति का कार्यभार संभाला, तो सोसाइटी की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। परंतु उन्होंने रणनीतिक तरीके से काम करते हुए समिति को घाटे से उबारने के लिए ऋण वितरण, आयवर्धक सेवाएं और जागरूकता अभियानों पर विशेष ध्यान दिया।

फसली और मध्यकालीन ऋण योजनाओं का हुआ विस्तार

समिति ने सबसे पहले किसानों के लिए फसली ऋण और पशुपालन हेतु मध्यकालीन ऋण की सुविधा शुरू की, जिससे किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता मिली। इसके अलावा समिति द्वारा जन औषधि केंद्र और जन सेवा केंद्र की स्थापना से न केवल किसानों को लाभ मिला बल्कि समिति की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

सोसाइटी भवन की हुई कायाकल्प

समिति की आय में वृद्धि के साथ-साथ उसके भवन का भी नवीनीकरण किया गया, जिससे अब समिति एक आधुनिक स्वरूप में कार्यरत है। ग्रामीणों और किसानों के बीच समिति की विश्वसनीयता बढ़ी है और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे तौर पर किसानों तक पहुंचने लगा है।

सोलंकी बोले: अब इलेक्ट्रॉनिक शोरूम खोलने की तैयारी

प्रबंध निदेशक अरुण सोलंकी ने बताया कि समिति अब जसपुर-अफजलगढ़ मार्ग पर स्थित स्मार्ट पॉइंट के पास एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम खोलने जा रही है। यह शोरूम जल्द ही जनता के लिए खोला जाएगा, जहां टाटा क्रोमा, करोपटन और आईएफबी जैसी नामी कंपनियों के उत्पाद बाजार दर से कम कीमतों पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि यह कदम समिति को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय जनता को सस्ते और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।