कांवड़ मेले के बाद ‘स्वच्छ हरिद्वार अभियान’ बना जन आंदोलन, प्रशासनिक अधिकारी खुद उतरे मैदान में

कांवड़ मेले के बाद ‘स्वच्छ हरिद्वार अभियान’ बना जन आंदोलन, प्रशासनिक अधिकारी खुद उतरे मैदान में

स्थान : हरिद्वार
रिपोर्टर : मनोज कश्यप

कांवड़ यात्रा के समापन के बाद जब आस्था की विशाल लहर हरिद्वार से लौट गई, तो पीछे छूट गया हजारों मैट्रिक टन कूड़ा, जो अब प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती बन चुका है। लेकिन इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए हरिद्वार प्रशासन ने एक नई मिसाल कायम कर दी है।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोभाल और HRDA उपाध्यक्ष अंशुल सिंह ने खुद झाड़ू उठाकर ‘स्वच्छ हरिद्वार अभियान’ की कमान संभाली।

घाटों, कांवड़ पटरी मार्ग और शहर की सड़कों पर सुबह की पहली किरण के साथ शुरू हुआ यह अभियान अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है।

प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हजारों की संख्या में सरकारी कर्मचारी, स्वयंसेवी संगठन, घाट गोद लेने वाली संस्थाएं, और युवा वर्ग इस महायज्ञ में सहभागी बन चुके हैं।घाटों पर हर झाड़ू की हरकत अब सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि गंगा सेवा का संकल्प बन चुकी है।

इस अभियान ने स्वच्छता को केवल प्रशासनिक कार्यवाही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बना दिया है।

हरिद्वार में यह मुहिम एक ऐतिहासिक उदाहरण बनती जा रही है कि जब संकल्प, सेवा और सहभागिता एक साथ चलते हैं, तो बदलाव सिर्फ संभव ही नहीं, अटूट और प्रेरणादायक बन जाता है।