

भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही टेस्ट सीरीज में अगला मुकाबला मैनचेस्टर टेस्ट है, लेकिन उससे पहले टीम इंडिया की चिंता का सबसे बड़ा कारण है – ऋषभ पंत की चोट। पंत की चोट ने फैंस और टीम मैनेजमेंट दोनों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।



क्या पंत होंगे बाहर?
सूत्रों के मुताबिक, पंत को फील्डिंग के दौरान हल्की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हुआ, जिसके बाद उन्हें स्कैन के लिए भेजा गया। टीम मेडिकल स्टाफ उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अभी यह साफ नहीं है कि वे मैनचेस्टर टेस्ट में खेलेंगे या नहीं।


लॉर्ड्स टेस्ट की यादें ताज़ा
इससे पहले लॉर्ड्स टेस्ट में पंत जबरदस्त लय में थे और 74 रनों पर खेल रहे थे, लेकिन एक गैर-ज़रूरी रन चुराने के चक्कर में रन आउट हो गए। उसके बाद भारत 387 रन बनाकर ऑल आउट हो गया और मैच जीतने का मौका हाथ से निकल गया।


अगर मैनचेस्टर में पंत नहीं खेलते हैं, तो टीम इंडिया को न सिर्फ एक भरोसेमंद विकेटकीपर, बल्कि एक आक्रामक मिडिल ऑर्डर बैटर की भी कमी खलेगी।

क्या हैं विकल्प?

अगर पंत फिट नहीं होते हैं, तो केएस भरत या इशान किशन को मौका दिया जा सकता है। लेकिन पंत जैसी मैच टर्निंग काबिलियत और अनुभव इन दोनों में अभी नहीं है, खासकर इंग्लैंड की परिस्थितियों में।

क्या मैनचेस्टर बनेगा टर्निंग प्वाइंट?
इस सीरीज में अब तक भारत ने मजबूत पकड़ बनाई है, लेकिन पंत का न खेलना मैनचेस्टर टेस्ट को टर्निंग प्वाइंट बना सकता है। विपक्षी टीम जानती है कि पंत इंग्लैंड के खिलाफ आक्रामक बैटिंग से दबाव बदल सकते हैं।

निष्कर्ष:
ऋषभ पंत के फिटनेस पर अब पूरा भारत टकटकी लगाए है। अगर वो बाहर होते हैं तो भारत को लॉर्ड्स जैसा कोई ब्लंडर फिर नहीं दोहराना होगा। ऐसे में रणनीति और संयम दोनों का इम्तिहान होगा – और शायद टीम इंडिया की गहराई भी।



