

लोकेशन :- लालकुआँ
रिपोर्टर :- मुन्ना अंसारी

बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन और पूर्व सैनिक संगठन के संयुक्त मोर्चे का धरना बुधवार को भी जारी रहा। शहीद स्मारक स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांग दोहराई।


धरने के दौरान “जन-जन की सरकार कब आएगी बिंदुखत्ता के द्वार” जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि बिंदुखत्ता को शीघ्र राजस्व गांव का दर्जा दिया जाए।

इसी बीच आयोजित खुली बैठक में प्रशासनिक और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से विस्तृत चर्चा की। बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक राय, एसडीएम रेखा कोहली, प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बांगरी और अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार कत्याल शामिल रहे।


अधिकारियों ने वन अधिकार अधिनियम (FRA) के तहत बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी और आश्वासन दिया कि आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा कर प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
वार्ता के बाद अधिकारियों ने क्रमिक अनशन पर बैठे लोगों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया, जिससे धरना स्थल पर कुछ राहत का माहौल बना।


इस दौरान वन अधिकार संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा और कानूनी अड़चनों को दूर करने की मांग की।


प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को हर संभव सहयोग का आश्वासन देते हुए प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद आंदोलन को अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया, हालांकि ग्रामीणों ने मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही है।


