उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में शोध कार्यशाला का तीसरा दिन संपन्न

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में शोध कार्यशाला का तीसरा दिन संपन्न

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की पत्रकारिता एवं मीडिया अध्ययन विद्याशाखा द्वारा एमए (पत्रकारिता एवं जनसंचार) के विद्यार्थियों के लिए आयोजित चार दिवसीय अनिवार्य शोध कार्यशाला के तीसरे दिन के सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हुए।

यह कार्यशाला 4 मई से 7 मई तक आयोजित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके शोध प्रबंध (डिजर्टेशन) कार्य के लिए वैज्ञानिक शोध पद्धतियों और व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराना है।

कार्यशाला का संचालन पत्रकारिता एवं मीडिया अध्ययन विद्याशाखा के निदेशक प्रो. राकेश चन्द्र रयाल के निर्देशन में किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को शोध कार्य में गंभीरता, अनुशासन और मौलिकता बनाए रखने की प्रेरणा दी।

तृतीय दिवस के प्रथम सत्र में डॉ. सीता ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में भाग लिया। उन्होंने अपने व्याख्यान में शोध में रुचि और जिज्ञासा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इसके बाद डॉ. आशुतोष भट्ट ने विद्यार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकी (Emerging Technology) और डिजिटल रिसर्च टूल्स के प्रभावी उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

कार्यशाला के एक अन्य सत्र में हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. शंशाक शुक्ल ने साहित्य के पुनर्वलोकन और शोध में उसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबंधित पूर्व शोध अध्ययनों के गहन अध्ययन पर जोर दिया।

इस अवसर पर विभाग के सहायक प्राध्यापक विनायक तिवारी और हर्षिता मेहता भी उपस्थित रहे।

कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को शोध की आधुनिक तकनीकों और अकादमिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिल रहा है।