मानसून में यात्रियों की सुरक्षा के लिए टनकपुर-घाट हाईवे पर रात्रिकालीन यातायात प्रतिबंधित1 जुलाई से अग्रिम आदेशों तक लागू रहेगा फैसला, आपातकालीन वाहनों को छूट

मानसून में यात्रियों की सुरक्षा के लिए टनकपुर-घाट हाईवे पर रात्रिकालीन यातायात प्रतिबंधित1 जुलाई से अग्रिम आदेशों तक लागू रहेगा फैसला, आपातकालीन वाहनों को छूट

स्थान : चंपावत
रिपोर्ट : लक्ष्मण बिष्ट

मानसून के दौरान संभावित भूस्खलन और सड़क दुर्घटनाओं के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने टनकपुर-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग-09 पर रात्रिकालीन वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह प्रतिबंध 1 जुलाई से अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगा।

अपर जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा ने बताया कि यह निर्णय संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा और लोगों की जान-माल की रक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस दौरान रात के समय भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका बनी रहती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।

वाहन प्रतिबंध के समय इस प्रकार रहेंगे:

  • चंपावत से घाट की ओर: रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 4:00 बजे तक
  • बनलेख से टनकपुर की ओर: रात्रि 9:00 बजे से प्रातः 5:00 बजे तक
  • ककराली गेट से चंपावत की ओर: रात्रि 8:00 बजे से प्रातः 5:00 बजे तक

सीओ वंदना वर्मा ने बताया कि उक्त अवधि में केवल आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, अग्निशमन और अन्य आवश्यक वाहनों को ही छूट दी जाएगी। किसी अन्य वाहन को चलाने के लिए उपजिलाधिकारी या क्षेत्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेनी होगी। आदेशों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा और दुर्घटना या अवैध संचालन की स्थिति में संबंधित थाना प्रभारी को उत्तरदायी ठहराया जाएगा।

लोगों में नाराजगी, उठाए सवाल
जहाँ प्रशासन इस फैसले को सुरक्षा के दृष्टिकोण से जरूरी बता रहा है, वहीं स्थानीय व्यापारी और नागरिक इससे नाराज हैं। लोगों का कहना है कि जिस सड़क को ‘ऑल वेदर रोड’ का दर्जा दिया गया है, उसे हर साल बरसात में रात के समय बंद कर देना समझ से परे है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इस सड़क के निर्माण पर अरबों रुपये खर्च होने के बावजूद आज भी यह हर मानसून में बंद कर दी जाती है, जिससे व्यापार, यात्रा और अन्य जरूरी काम बुरी तरह प्रभावित होते हैं।

प्रशासन ने की सहयोग की अपील
अपर जिलाधिकारी शर्मा ने नागरिकों, वाहन चालकों और परिवहन एजेंसियों से अपील की है कि वे प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें और सहयोग प्रदान करें, ताकि मानसून काल में जान-माल की हानि को रोका जा सके।