


स्थान : देहरादून
रिपोर्टर : सचिन कुमार

इस साल मानसून से पहले ही राजधानी देहरादून में डेंगू ने दस्तक दे दी थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के सतत प्रयासों की बदौलत यह बीमारी विकराल रूप धारण नहीं कर सकी।



डेंगू के नोडल अधिकारी डॉ. चंदन सिंह ने जानकारी दी कि शुरुआती बारिश के चलते डेंगू फैलने की आशंका थी, मगर समय रहते की गई फॉगिंग, लार्वा सर्वे और लार्वासाइट छिड़काव की वजह से स्थिति नियंत्रण में है।



उन्होंने बताया कि अब तक देहरादून में डेंगू के कुल 88 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 52 केस स्थानीय हैं जबकि 36 मामले राज्य से बाहर के हैं। राहत की बात यह है कि इनमें से 75 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में केवल 13 मरीज एक्टिव हैं और सभी निजी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।



14688 घरों का सर्वे, 56 में मिला लार्वा
स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीमों ने मिलकर अब तक 14,688 घरों का सर्वे किया है। इस दौरान 56 घरों में डेंगू मच्छरों के लार्वा पाए गए हैं, जिन्हें नष्ट किया गया। डॉ. चंदन सिंह ने बताया कि आशा कार्यकर्ता और डेंगू नियंत्रण टीम लगातार घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने के साथ-साथ संभावित स्थलों की जांच कर रही हैं।


104 सैंपलों की जांच में 4 पॉजिटिव
बीते रोज 104 संदिग्ध मरीजों की डेंगू जांच की गई, जिसमें से 4 मरीज पॉजिटिव पाए गए। इनमें से तीन देहरादून के जबकि एक बिजनौर से है। सभी मरीजों की स्थिति सामान्य बनी हुई है।


स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और आस-पास के क्षेत्रों में सफाई बनाए रखें। गमलों, कूलरों, टंकियों और किसी भी ऐसे स्थान पर पानी जमा न होने दें जहां मच्छर पनप सकते हैं। यही बचाव डेंगू पर नियंत्रण का सबसे प्रभावी तरीका है।



