


स्थान : लोहाघाट( चंपावत)
रिपोर्ट : लक्ष्मण बिष्ट


चंपावत जिले के लोहाघाट में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है। यह केंद्र न केवल किसानों को वैज्ञानिक खेती की दिशा में मार्गदर्शन दे रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभा रहा है।



कृषि विज्ञान केंद्र की प्रभारी डॉ. दीपाली तिवारी पांडे ने बताया कि केंद्र पर क्षेत्र के किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि तकनीक और वैज्ञानिक खेती के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा किसानों को मशरूम की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है और उन्हें इसकी विधिवत ट्रेनिंग भी दी जा रही है।



डॉ. दीपाली ने बताया कि कृषि रथों के माध्यम से दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक खेती की जानकारी पहुंचाई जा रही है। साथ ही सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी इन रथों के माध्यम से दी जाती है, जिससे किसान इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।



उन्होंने कहा कि जब दूर-दूर से किसान अपनी समस्याएं लेकर केंद्र पर आते हैं और हम उनके समाधान कर पाते हैं, तो यह हमारे लिए भी संतोषजनक अनुभव होता है। केंद्र का उद्देश्य सिर्फ तकनीकी सहायता देना नहीं, बल्कि हर किसान को आत्मनिर्भर बनाकर उसकी आय को बढ़ाना है।

केंद्र किसानों को खेती के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे वैकल्पिक रोजगारों के लिए भी प्रेरित कर रहा है। इसके लिए समय-समय पर अन्य विभागों से भी सहयोग लिया जा रहा है ताकि किसानों को हर संभव सहायता मिल सके।


टिप्पणी:
लोहाघाट का यह कृषि विज्ञान केंद्र एक सफल मॉडल बनता जा रहा है, जो यह साबित करता है कि वैज्ञानिक सोच और सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन से गांवों की तस्वीर बदली जा सकती है।




