54 वर्षों बाद ककलासो जीनापानी में रामलीला का भव्य आयोजन, उमड़ा जनसैलाब — कुंभकरण व मेघनाद वध के दृश्य ने बांधा समा

54 वर्षों बाद ककलासो जीनापानी में रामलीला का भव्य आयोजन, उमड़ा जनसैलाब — कुंभकरण व मेघनाद वध के दृश्य ने बांधा समा

संजय जोशी
रानीखेत

रामलीला कमेटी ककलासो-जीनापानी द्वारा 54 वर्षों बाद आयोजित हो रही रामलीला में भक्ति, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। 28 मई से प्रारंभ हुई रामलीला में हर दिन दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। 10वें दिन रामलीला मंचन के दौरान श्रीराम द्वारा कुंभकरण वध और लक्ष्मण द्वारा मेघनाद वध के प्रभावशाली मंचन को दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।

विशेष अतिथि का सम्मान व सहयोग

इस अवसर पर पूर्व डीएसपी (क्राइम) तारा दत्त वैला को राम पटका व राम विग्रह भेंट कर सम्मानित किया गया।

उनका स्वागत रामलीला कमेटी के अध्यक्ष हेम चंद्र हरबोला, संरक्षक कृपाल रौतेला, सुरेश अस्वाल, ऊषा देवी और नवीन करगेती ने किया। तारा दत्त वैला ने रामलीला आयोजन के लिए कमेटी को ₹25,551 की सहयोग राशि भी प्रदान की।

गर्व का क्षण: रामलीला की वापसी

रामलीला के संचालक दीपक करगेती ने इसे ककलासो क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया और क्षेत्रवासियों व अप्रवासी परिवारों का आभार व्यक्त किया जिनके सहयोग से यह आयोजन संभव हो पाया।

रावण वध के बाद राम राज्याभिषेक का आयोजन

कमेटी अध्यक्ष हेम चंद्र हरबोला ने जानकारी दी कि आज रावण वध के उपरांत कल राम के राज्याभिषेक के पावन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है, जिसमें समस्त क्षेत्रवासियों को आमंत्रित किया गया है।


सचिव चंदन बिष्ट ने बताया कि आने वाले वर्षों में भी इसी भांति प्रभु श्रीराम की लीलाओं का मंचन निरंतर जारी रहेगा