


रिपोर्ट -महावीर सिंह राणा
उत्तरकाशी

चार धाम यात्रा अपने चरम पर है और गंगोत्री-यमुनोत्री धामों में श्रद्धालुओं की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वहीं, बढ़ती भीड़ का फायदा उठाते हुए कुछ दुकानदार यात्रियों के साथ घटतोली कर रहे हैं।



सूत्रों के अनुसार, काशी विश्वनाथ मंदिर से रामलीला मैदान तक फलों और स्थानीय उत्पादों की सैकड़ों दुकानों पर प्रति किलो 200 ग्राम तक कम तौल किया जा रहा था। कई दुकानों पर उपयोग किए जा रहे बाट और तराजू वर्षों से बिना सत्यापन के ही चल रहे थे।



इससे न केवल तीर्थयात्री बल्कि स्थानीय लोग भी आर्थिक नुकसान झेल रहे थे। जब यात्रियों ने इस संबंध में शिकायत की, तो नापतोल विभाग हरकत में आया और कई दुकानों के चालान काटे गए।



नापतोल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कर्मचारियों की भारी कमी के चलते नियमित जांच नहीं हो पाती है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं सामने आती हैं।

उन्होंने कहा कि विभाग अब विशेष अभियान चलाकर बाट-तराजुओं की जांच करेगा और दोषी दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


आपको बता दें कि यात्रा सीजन में काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर रामलीला मैदान तक फलों, स्नैक्स और स्थानीय उत्पादों की सैकड़ों अस्थायी दुकानें लगती हैं।



