


रिपोर्ट : संजय जोशी
स्थान : रानीखेत


रानीखेत।
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय रानीखेत में आज भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर का भव्य शुभारंभ हुआ। इस विशेष शिविर में कुल 36 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं, जो आगामी 2 जून 2025 तक चलेगा। इस शिविर का उद्देश्य छात्रों को देश की विविध भारतीय भाषाओं से परिचित कराना और बहुभाषी कौशल विकसित करना है।


कुमाऊं रेजिमेंट के जगदीप सिंह का प्रेरणादायक संबोधन
उद्घाटन सत्र के दौरान कुमाऊँ रेजिमेंट के जगदीप सिंह ने छात्रों को गुरुमुखी लिपि का अक्षर ज्ञान कराया और सिख धर्म के समृद्ध इतिहास की जानकारी दी। उनके प्रभावशाली वक्तव्य ने छात्रों में भारतीय भाषाओं और संस्कृति के प्रति नई रुचि और उत्साह का संचार किया।



विद्यालय प्राचार्य ने किया बहुभाषिता का महत्व उजागर
विद्यालय के प्राचार्य श्री राकेश दूबे ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा, “भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और समझ का सेतु भी है। बहुभाषी होना न केवल ज्ञान बढ़ाता है, बल्कि विविध भारतीय संस्कृतियों को आत्मसात करने का मार्ग भी प्रशस्त करता है।”



शिविर का संयोजन दीपक जोशी द्वारा
कार्यक्रम का संचालन और संयोजन पीजीटी (हिंदी) श्री दीपक जोशी द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि यह शिविर विद्यार्थियों को अपनी भाषाई क्षमताओं को पहचानने और निखारने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। साथ ही, यह शिविर भारत की भाषाई एकता और विविधता की झलक को भी उजागर करता है।

संस्कृति और शिक्षा का संगम
यह ग्रीष्मकालीन शिविर छात्रों को भारतीय भाषाओं की विविधता, लिपियों और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को समझने में मदद करेगा। साथ ही, यह कार्यक्रम नई पीढ़ी में भाषाई प्रेम, गर्व और जागरूकता पैदा करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।



शिविर में विद्यार्थियों के लिए होंगी विभिन्न भाषाओं की कार्यशालाएं, संवाद सत्र और रचनात्मक गतिविधियां
“भाषा से जुड़ो, संस्कृति को समझो” — पीएम श्री विद्यालय का संदेश



