अंकिता भंडारी हत्याकांड: फैसले की घड़ी नजदीक, पिता ने की दोषियों को फांसी की मांग

अंकिता भंडारी हत्याकांड: फैसले की घड़ी नजदीक, पिता ने की दोषियों को फांसी की मांग

रिपोर्ट : भगवान सिंह
स्थान : पौड़ी गढ़वाल

पौड़ी (उत्तराखंड)।
वंतरा रिज़ॉर्ट में दो वर्ष पूर्व हुई उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या मामले में अब फैसले की घड़ी नजदीक आ गई है। इस बहुचर्चित हत्याकांड पर 30 मई को कोर्ट का फैसला आने वाला है, जिसे लेकर राज्यभर में जनता की निगाहें टिकी हैं। आमजन से लेकर परिजन तक यही उम्मीद जता रहे हैं कि दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।

अंकिता के पिता ने एक बार फिर मीडिया के सामने आकर तीनों आरोपियों को फांसी की सजा देने की अपील की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार एक VIP को बचाने का प्रयास कर रही है, जिसका नाम अजय कुमार बताया जा रहा है। पिता ने कहा, “मेरे जीते जी मेरी बेटी के हत्यारों को फांसी होनी चाहिए, यही मेरी आखिरी ख्वाहिश है।”

सरकारी घोषणाएं अधूरी, नाराज़गी भी बढ़ी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा की गई उस घोषणा पर भी सवाल उठे हैं जिसमें कहा गया था कि श्रीकोट डोब स्थित नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रखा जाएगा। लेकिन अब तक यह घोषणा धरातल पर नहीं उतर सकी है, जिससे परिजनों और आम लोगों में गहरी नाराजगी है।

क्या है मामला
अंकिता भंडारी पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक की रहने वाली थी और वंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत थी। सितंबर 2022 में उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिज़ॉर्ट संचालक पुलकित आर्य समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब हत्या के पीछे कथित VIP दबाव और अनैतिक गतिविधियों की बातें सामने आईं।

जनता में आक्रोश, न्याय की आस
राज्यभर में इस हत्याकांड को लेकर जनता में आक्रोश लगातार बना हुआ है। लोग सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से यह मांग कर रहे हैं कि दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए। कई सामाजिक संगठनों और छात्र संगठनों ने भी फांसी की सजा की मांग को लेकर प्रदर्शन किए हैं।

30 मई को होगा फैसला
अब सबकी निगाहें 30 मई पर टिकी हैं जब अदालत इस बहुचर्चित मामले में अपना फैसला सुनाएगी। अंकिता के पिता और परिवार को उम्मीद है कि उन्हें इंसाफ मिलेगा और दोषियों को उनके किए की सजा जरूर मिलेगी।


“मौत के बदले मौत ही सजा होनी चाहिए।” – अंकिता के पिता
“सरकार VIP को बचाने में लगी है, पर जनता सब देख रही है।”

जनता का सवाल साफ है – क्या उत्तराखंड की बेटी को मिलेगा न्याय?