

देहरादून
उत्तराखंड सरकार ने राज्य के कई प्रमुख खेल स्टेडियमों के नामों में बदलाव करते हुए उन्हें नए नामों के साथ पुनः नामित किया है। खेल विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह बदलाव राज्य की सांस्कृतिक पहचान और क्षेत्रीय महत्व को ध्यान में रखते हुए किया गया है। सरकार के इस फैसले पर खेल जगत सहित आम नागरिकों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।



बदले गए नामों की सूची इस प्रकार है:

- देहरादून का “महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज” अब “रजत जयंती खेल परिसर” के नाम से जाना जाएगा।
- हल्द्वानी का “इंदिरा गांधी स्टेडियम” अब “मानखंड खेल परिसर” कहलाएगा।
- रुद्रपुर का “मनोज सरकार स्टेडियम” अब “शिवालिक खेल परिसर” के रूप में जाना जाएगा।
- हरिद्वार का “वंदना कटारिया स्टेडियम” अब “योगस्थलीय खेल परिसर” के नाम से जाना जाएगा।


खेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन नामों में बदलाव का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, क्षेत्रीय गौरव और खेल भावना को बढ़ावा देना है। विभाग का यह भी कहना है कि नए नामों से संबंधित प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी कर ली गई है और अब सभी सरकारी दस्तावेजों में यही नाम प्रयुक्त किए जाएंगे।


हालांकि, कुछ वर्गों द्वारा इस बदलाव का विरोध भी देखने को मिला है। सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स ने “मनोज सरकार” और “वंदना कटारिया” जैसे खिलाड़ियों के नाम हटाए जाने पर नाराजगी जताई है। विपक्षी दलों ने भी सरकार पर “राजनीतिक प्रेरणा से नाम परिवर्तन” करने का आरोप लगाया है।


वहीं, खेल मंत्री का कहना है कि यह फैसला किसी की उपलब्धियों को नकारने के लिए नहीं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विविधता को समर्पित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन खिलाड़ियों के नाम हटाए गए हैं, उनकी उपलब्धियों को अलग रूप में सम्मानित किया जाएगा।



