

स्थान : लोहाघाट ( चंपावत)
रिपोर्ट : लक्ष्मण बिष्ट


लोहाघाट विधानसभा के अंतर्गत बाराकोट ब्लॉक की छन्द्दा ग्राम सभा के तल्ला बेट्टा क्षेत्र में प्रस्तावित स्टोन क्रेशर प्लांट को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और ठेकेदारों द्वारा बिना किसी जनसहमति और सूचना के गुपचुप तरीके से स्टोन क्रेशर लगाने की कोशिश की जा रही है, जिससे क्षेत्र के पर्यावरण और जनजीवन पर गंभीर असर पड़ेगा।


जैसे ही ग्रामीणों को इस कार्य की जानकारी मिली, उन्होंने पूर्व पोस्ट मास्टर मानसिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंचकर स्टोन क्रेशर का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। सोमवार को तल्ला बेट्टा के सभी ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय लोहाघाट पहुंचकर मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी चंपावत के नाम ज्ञापन सौंपा तथा प्लांट न लगाए जाने की जोरदार मांग की।


ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पहले प्रशासन ने डंपिंग जोन के लिए भूमि मांगी थी, लेकिन अब छलपूर्वक स्टोन क्रेशर खोलने की तैयारी की जा रही है। इस बारे में न तो कोई जनसुनवाई की गई और न ही ग्रामीणों से राय ली गई।


ग्रामीणों का कहना है कि क्रेशर खुलने से क्षेत्र का पर्यावरण असंतुलित होगा, खेती-बाड़ी नष्ट होगी, और सरयू नदी में पाई जाने वाली दुर्लभ महाशीर मछलियों के अस्तित्व पर संकट मंडराएगा। साथ ही, ध्वनि और धूल प्रदूषण से गांव की शांत और हरित बेल्ट को भारी नुकसान पहुंचेगा।

महिलाओं ने भी विरोध में खुलकर आवाज उठाई और कहा कि यह परियोजना सरकार की ग्रीन बेल्ट और “पेड़ लगाओ, पर्यावरण बचाओ” जैसी योजनाओं के खिलाफ है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि ठेकेदार द्वारा केवल औपचारिकता के लिए अखबार में विज्ञप्ति निकाली गई, जबकि गांव में अखबार नहीं पढ़े जाते और अधिकांश लोग शिक्षित नहीं हैं।


ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जबरन स्टोन क्रेशर लगाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने और सामूहिक पलायन को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।



विरोध जताने वालों में पूर्व पोस्ट मास्टर मानसिंह, कैप्टन जगत सिंह, पूर्व प्रधान मान सिंह सामंत, ग्राम प्रधान प्रशासक रतन सिंह, महेंद्र सिंह सामंत, नरेंद्र सामंत, गंगा देवी, जगत सिंह, भैरवी देवी, बबिता देवी और लीला देवी सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल रहे।



