

स्थान : हल्द्वानी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ऐतिहासिक पहल पर उत्तराखंड ने 27 जनवरी 2025 से समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर देश में पहला राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया है। इस महत्त्वपूर्ण कदम के पीछे सामाजिक समरसता, लैंगिक समानता और एकरूपता की भावना को साकार करने का संकल्प निहित है।


इस संहिता के तहत विवाह, उत्तराधिकार और परिवार से जुड़े मामलों में समान नियम लागू होंगे, जो सभी नागरिकों के लिए समान रूप से बाध्यकारी होंगे। यह एक ऐतिहासिक सामाजिक सुधार है, जिसका प्रभाव आने वाले वर्षों में राष्ट्र की एकता और अखंडता को सशक्त बनाएगा।

आईजी रिद्धिम अग्रवाल की विशेष पहल, कुमाऊं परिक्षेत्र में शानदार क्रियान्वयन

पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र, श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल के नेतृत्व में UCC के तहत पुलिस विभाग में विवाह पंजीकरण अभियान को विशेष गति मिली है। उनकी व्यक्तिगत निगरानी में कुमाऊं के सभी जिलों में अब तक 95.61% पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों का पंजीकरण पूरा किया जा चुका है।

जनपदवार पंजीकरण विवरण:
- अल्मोड़ा: 308 में से 302 कार्मिक – 98.05%
- बागेश्वर: 219 में से 212 – 96.80%
- चंपावत: 299 में से 289 – 96.66%
- नैनीताल: 925 में से 902 – 97.51%
- पिथौरागढ़: 350 में से 333 – 95.14%
- ऊधमसिंह नगर: 1088 में से 1010 – 92.83%
- परिक्षेत्रीय कार्यालय: 23 में से 23 – 100%

इस अभियान के सफल संचालन हेतु प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जिनके माध्यम से थानों, इकाइयों व पुलिस लाइनों में विशेष शिविर लगाकर पंजीकरण कराया गया।
नियमावली निर्माण में भी निभाई प्रमुख भूमिका
UCC को लागू करने से पूर्व इसके विधिक ढांचे और नियमावली के निर्माण में भी आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने अपर सचिव व विशेष सचिव (गृह) के रूप में अहम भूमिका निभाई। लगभग एक वर्ष की मेहनत के बाद नियमावली तैयार हुई, जिसके बाद पूरे राज्य में प्रशिक्षित कार्मिकों द्वारा पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई।

शेष बचे कार्मिकों के लिए सख्त निर्देश
आईजी महोदया ने यह भी अवगत कराया कि कुछ कार्मिक तकनीकी या व्यक्तिगत कारणों से अभी पंजीकरण नहीं करा पाए हैं, जैसे:

- आधार कार्ड में त्रुटियाँ
- न्यायालय में तलाक संबंधी प्रकरण
- पारिवारिक समस्याएं
- पति/पत्नी का विदेश में होना
- स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर होना
ऐसे सभी प्रकरणों के समाधान हेतु जिला प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे व्यक्तिगत रुचि लेते हुए कार्मिकों की समस्याओं का समाधान कराएं और 100% पंजीकरण सुनिश्चित करें।

आम जनता से भी की गई अपील
आईजी कुमाऊं श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल ने राज्य की आम जनता से भी अपील की है कि वे भी अपनी सुविधा के लिए UCC पोर्टल पर विवाह पंजीकरण अवश्य कराएं। यह कदम न केवल वैधानिक सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि सामाजिक समानता की दिशा में एक सशक्त नागरिक योगदान भी होगा।
उत्तराखंड में UCC का सफल क्रियान्वयन राज्य प्रशासन और पुलिस विभाग की प्रतिबद्धता और जनहित में दूरदृष्टि का प्रतीक बनकर सामने आया है। यह बदलाव सामाजिक संरचना को नए आयाम देने वाला सिद्ध हो रहा है।


