

रिपोर्ट – संजय कुंवर
स्थान – बद्रीनाथ धाम

केशव प्रयाग संगम पर आस्था की डुबकी, प्रशासन ने कसी कमर

माणा (चमोली), 17 मई।
भू-बैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम के समीप स्थित देश के पहले ऋतु प्रवासी पर्यटन गांव मणिभद्रपुर माणा में इन दिनों पावन पुष्कर कुंभ का दिव्य आयोजन चल रहा है। अलकनंदा और सरस्वती नदियों के संगम पर स्थित केशव प्रयाग में दक्षिण भारत से प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।



शुक्रवार को पुष्कर कुंभ के अवसर पर केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे दक्षिणी राज्यों से आए करीब 10,000 तीर्थयात्रियों ने केशव प्रयाग में स्नान कर पूर्वजों की स्मृति में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया। संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा माणा क्षेत्र भक्तिभाव और उत्साह से सराबोर हो गया।


पूर्व ग्राम प्रधान और सामाजिक कार्यकर्ता पीताम्बर मोलफा ने बताया कि इन दिनों माणा टैक्सी स्टैंड से लेकर केशव प्रयाग संगम तक आस्था पथ पर पैर रखने की भी जगह नहीं मिल रही है। भीम पुल, व्यास गुफा, गणेश गुफा और देश की पहली चाय दुकान सहित पूरे क्षेत्र में रौनक का माहौल है।


प्रशासन ने संभाला मोर्चा
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं। डीएम चमोली संदीप तिवारी ने बताया कि पुष्कर कुंभ के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
- महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम, शौचालय और महिला पुलिस की तैनाती की गई है।
- एसडीआरएफ की अतिरिक्त टुकड़ी संगम तट पर तैनात है जो सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण में मदद कर रही है।
- बुजुर्ग श्रद्धालुओं को बैरिकेडिंग और पुलिस कर्मियों की सहायता से संगम तक पहुँचाया जा रहा है।
- गणेश गुफा और व्यास गुफा मार्ग से तीर्थयात्रियों को संगम स्थल की ओर भेजा जा रहा है।
- विशेष चिकित्सीय टीम को भी तैनात किया गया है, ताकि स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों से निपटा जा सके।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस भव्य आयोजन से माणा घाटी में धार्मिक पर्यटन को नया आयाम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोग, दुकानदार और स्वयंसेवी संस्थाएं श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी हैं, जिससे न केवल धार्मिक वातावरण बना है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी संबल मिला है।

पुष्कर कुंभ के इस विशेष पर्व के माध्यम से माणा घाटी आज देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन गई है।



