

स्थान: लोहाघाट (चंपावत)
रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट

लोहाघाट नगर में लगातार बढ़ते पेयजल संकट के समाधान की मांग को लेकर जन आंदोलन ने अब जोर पकड़ लिया है। लोहाघाट विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष विपिन गोरखा के नेतृत्व में नगरवासी एसडीएम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि सरकार तत्काल सरयू लिफ्ट पेयजल योजना का निर्माण कार्य शुरू करे।



शनिवार को इस जन आंदोलन को और बल मिला जब उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के जिलाध्यक्ष केदार दत्त सुतेड़ी धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा, “जिस उत्तराखंड राज्य की कल्पना हमने की थी, वह आज की सरकारों ने चकनाचूर कर दिया है। जनता को पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”



यूकेडी नेता ने आरोप लगाया कि पालिका चुनावों के दौरान भाजपा नेताओं ने सरयू लिफ्ट योजना का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई काम शुरू नहीं हुआ। जनता अपने को ठगा हुआ महसूस कर रही है और वादा करने वाले नेता अब नजर नहीं आ रहे।

धरना स्थल पर पहुंचे राज्य आंदोलनकारी गणेश पुनेठा ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “सरकार की लापरवाही से ‘पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी’ आज पहाड़ के काम नहीं आ रही। सुविधाओं के अभाव में पलायन तेजी से बढ़ रहा है।”

संघर्ष समिति के अध्यक्ष विपिन गोरखा ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार इस योजना पर काम शुरू नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने नगर की मातृशक्ति और व्यापारियों से आंदोलन को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा, “पेयजल की समस्या से सबसे अधिक महिलाएं जूझ रही हैं, इसलिए उनका आगे आना जरूरी है।”

इस जन आंदोलन को न केवल नगरवासियों का, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों का भी समर्थन मिल रहा है। लोगों ने एकजुट होकर सरकार से मांग की है कि सरयू लिफ्ट योजना पर अविलंब कार्यवाही हो, ताकि लोहाघाट की जनता को राहत मिल सके।



