

रिपोर्ट – राजू सहगल
लोकेशन – किच्छा

किच्छा क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अनीता हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। यह हत्या जेवरात लूटने के इरादे से की गई थी, जिसमें एक ठेकेदार समेत पांच लोगों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और लूटा गया माल भी बरामद कर लिया गया है।



15 अप्रैल को लापता हुई थी अनीता देवी
32 वर्षीय अनीता देवी, जो मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही थी, 15 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। 21 अप्रैल को अनीता के पति श्याम सुंदर ने किच्छा पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।


बरोर नदी से बरामद हुआ था शव
किच्छा के महाराजपुर क्षेत्र में बहने वाली बरोर नदी से पुलिस को एक सड़ा-गला शव मिला, जिसकी शिनाख्त अनीता देवी के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आया कि यह मामला हत्या का है।

ठेकेदार विष्णु रस्तोगी बना मास्टरमाइंड
प्रशिक्षु आईपीएस निशा यादव ने प्रेस वार्ता में बताया कि जांच में अनीता के पति द्वारा जताए गए संदेह के आधार पर ठेकेदार विष्णु रस्तोगी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि अनीता काम के बाद उसके घर सामान लेने आई थी, जहां उसने पहले से तय योजना के तहत अपने साथी चरणजीत सिंह, संजू गंगवार, अभिषेक द्विवेदी और पत्नी नीरज देवी के साथ मिलकर अनीता की हथौड़ा और डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी।

जेवरात और मोबाइल लूटकर शव नदी में फेंका
हत्या के बाद आरोपियों ने अनीता के सोने के कुंडल, बालियाँ, मंगलसूत्र, अंगूठी, पायल, बिछुए और मोबाइल लूट लिए और शव को नदी में ठिकाने लगा दिया।

सभी आरोपी गिरफ्तार, लूटा गया सामान बरामद
पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा, डंडा, मृतका की साड़ी सहित सभी लूटे गए जेवर बरामद कर लिए हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।



