

रिपोट : अजहर मलिक
स्थान : काशीपुर

शहर के प्रमुख प्रिया मॉल में उस समय हड़कंप मच गया जब एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने एक रेस्टोरेंट में छापा मारते हुए दो नाबालिग लड़के और दो नाबालिग लड़कियों को संदिग्ध हालात में पकड़ा। रेस्टोरेंट की आड़ में अवैध गतिविधियों का ऐसा खुलासा हुआ, जिसकी कल्पना तक नहीं की जा सकती थी।



पुलिस के मुताबिक, रेस्टोरेंट के अंदर प्राइवेसी के नाम पर पर्दे लगाकर बैठने की व्यवस्था की गई थी, जहां मर्यादा और कानून की सीमाएं सरेआम लांघी जा रही थीं। यह जगह जहां लोगों को खाना-पीना परोसा जाना चाहिए था, वहां अश्लीलता और अनैतिक गतिविधियों का अड्डा बना दिया गया था।


जैसे ही छापे की खबर मॉल परिसर में फैली, वहीं मौजूद दो स्पा सेंटर और एक अन्य रेस्टोरेंट के संचालक अपने प्रतिष्ठानों के ताले लगाकर फरार हो गए। मुख्य रेस्टोरेंट का मालिक भी कार्रवाई से पहले ही भाग चुका था।

पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिनके आधार पर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है, और मॉल प्रबंधन की भूमिका को भी जांच के दायरे में लिया जा रहा है।


प्रश्नचिन्ह खड़ा करती घटना:
यह पूरी घटना न केवल कानून व्यवस्था पर बल्कि सामाजिक नैतिकता और प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े करती है।
- आखिर क्यों रेस्टोरेंट और स्पा की आड़ में फलते-फूलते हैं ऐसे गैरकानूनी धंधे?
- क्या समय-समय पर होने वाली कार्रवाइयां केवल दिखावा बनकर रह गई हैं?
- और सबसे अहम—क्या हमारा सिस्टम इन गतिविधियों पर स्थायी लगाम लगाने में सक्षम है?

पुलिस का पक्ष:
पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों को जल्द ही कानून के कठघरे में लाया जाएगा। मॉल के अन्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की जा रही है, ताकि यदि कहीं और भी ऐसा कोई नेटवर्क हो, तो उसे भी उजागर किया जा सके।



