

स्थान: रामनगर, उत्तराखंड
संवाददाता: सलीम अहमद साहिल

रामनगर के मालधन नंबर 6 क्षेत्र में प्रस्तावित अंग्रेजी शराब की दुकान को लेकर जनाक्रोश लगातार उग्र होता जा रहा है। क्षेत्र की महिलाओं समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने शराब दुकान के सामने धरना प्रदर्शन करते हुए धामी सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाज़ी की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें शराब नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार चाहिए।




प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि शराब की दुकान एक भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में खोली जा रही है, जो बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जहां दुकान के लिए कागज़ों में जगह दर्शाई गई है, हकीकत में वह एक सार्वजनिक और संवेदनशील इलाका है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता विकास नहीं बल्कि मुनाफा बनती जा रही है। ना क्षेत्र में बेहतर शिक्षा व्यवस्था है, ना ही इलाज की सुविधा, लेकिन शराब की दुकानें खोलने की कवायद ज़ोर-शोर से की जा रही है।

गांव के युवाओं ने पहले ही सरकार के खिलाफ पुतला दहन कर विरोध जताया था, लेकिन अब यह आंदोलन और अधिक तीव्र होता जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही शराब की दुकान बंद नहीं की, तो वे पहले सामूहिक उपवास और फिर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन करेंगे।
गांववासियों की मांग है कि सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करे और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए दुकान खोलने की योजना को तत्काल रद्द करे।




