


देहरादून

देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने विकराल रूप धारण कर लिया है। गुरुवार को प्रदेशभर में जमकर बारिश हुई, जिससे जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। पर्वतीय इलाकों में ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसलें तबाह हो गईं।


रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, देहरादून, बागेश्वर और चमोली जिलों में देर शाम तक भारी बारिश हुई, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे केदारनाथ और चोराबाड़ी में बर्फबारी भी दर्ज की गई। बीते तीन दिनों से दोपहर बाद इन क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।


बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे गेहूं, आलू और सेब की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खासकर पर्वतीय किसानों को इससे गंभीर क्षति पहुंची है।


मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने पहले ही 9 से 12 अप्रैल तक खराब मौसम की चेतावनी दी थी। विभाग के अनुसार, 13 अप्रैल से मौसम साफ होना शुरू होगा, लेकिन 17 अप्रैल के बाद फिर से मौसम में बदलाव की संभावना है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।

राज्य में देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंहनगर जैसे मैदानी जिलों में भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और जनता से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।



