

रिपोर्ट – संजय जोशी
स्थान – रानीखेत

रानीखेत वन रेंज में वनाग्नि की रोकथाम के उद्देश्य से वन विभाग ने ग्रामीणों, सरपंचों एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया।



गोष्ठी में चीड़ के पेड़ों को जंगल में आग लगने का मुख्य कारण बताया गया और इन्हें काटने की अनुमति की मांग उठी। महिलाओं ने आग से निपटने के उपाय सुझाए और जंगली जानवरों से खेती को हो रहे नुकसान पर चिंता जताई।



इस मौके पर वन विभाग की एसडीओ काकुल पुंडीर और वन क्षेत्राधिकारी तापस मिश्रा ने जनसहभागिता की आवश्यकता पर जोर दिया।


“जंगल की आग पर चिंतन: रानीखेत में वन विभाग ने की ग्रामीणों संग बैठक”
“चीड़ के पेड़ों से जंगल में आग! रानीखेत में ग्रामीणों ने उठाई कटान की मांग”
“रानीखेत में वनाग्नि पर मंथन, महिलाओं ने सुझाए समाधान”

“जंगल की आग से निपटने को जनभागीदारी पर जोर, रानीखेत में गोष्ठी आयोजित”
“वनाग्नि नियंत्रण को लेकर वन विभाग और ग्रामीणों में संवाद”



