

स्थान:लोहाघाट (चंपावत)
रिर्पोट:लक्ष्मण बिष्ट


चंपावत जिले के लोहाघाट ब्लॉक के नेपाल सीमा से लगे जिंडी ,सुनकुरी , सुल्ला, पाशम , निडील , बिबिल आदि गांवो में आज


आठ दिवसीय गौरा महोत्सव का समापन हुआ समापन अवसर पर क्षेत्र के हजारों लोगों ने मां गोरा को नम आंखों से उनके


ससुराल कैलाश की ओर विदा किया क्षेत्र के प्रसिद्ध पंडित मदन कॉलोनी ने बताया मान्यता के अनुसार मां गौरा के अपने


मायके आने की खुशी में सीमांत क्षेत्रों में बड़े धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ गौरा महोत्सव मनाया जाता है जिसमे में शामिल होने

के लिए बड़ी संख्या में प्रवासी लोग भी अपने गांव पहुंचते हैं पंडित कलोनी ने बताया गौरा महोत्सव में सीमांत क्षेत्र के गांवो में

पुरुषों के द्वारा महाभारत कालीन गाथाओं का गायन किया जाता है तो वहीं महिलाओं के द्वारा मां गौरा महेश्वर की प्रतिमाओं के सामने गोरा गायन किया जाता है उन्होंने कहा आज मां गोरा को उनके ससुराल कैलाश को क्षेत्र के हजारों लोगों ने विदा किया


विदाई के अवसर पर ग्रामीणों के द्वारा मां गोरा को भेंट दी जाती है उन्होंने बताया अब ग्रामीण अगले वर्ष मां गौरा के अपने मायके आने का इंतजार करेंगे इस अवसर पर सीमांत क्षेत्र के सुनकुरी व चमदेवल में विशाल मेले का आयोजन किया गया जिसमें क्षेत्र के हजारों लोग शामिल हुए


