

रिपोर्ट =अशोक सरकार

स्थान =खटीमा

उत्तराखंड राज्य के जिला उधम सिंह नगर में तहसील खटीमा के उप जिलाधिकारी रविंद्र सिंह बिष्ट को नगर पालिका परिषद के अंतर्गत कार्यरत पर्यावरण मित्रों ने एक ज्ञापन देकर उन से अनुरोध किया है कि वह पर्यावरण मित्र नगर पालिका परिषद खटीमा के अंतर्गत चलने वाली कूड़ा गाड़ी मैं ड्राइवर और हेल्पर के रूप में कार्य कर रहे हैं राज्य सरकार के शासनादेश के अंतर्गत ₹500 प्रतिदिन देय करना होगा। लेकिन ठेकेदार द्वारा पर्यावरण मित्रों को ड्राइवर के रूप में कार्य करने पर ₹8000 प्रति माह तथा हेल्पर को ₹7000 प्रति माह व ई रिक्शा चालक को प्रतिमाह ₹7000 भुगतान किया जाता है।


पर्यावरण मित्रों ने उप जिला अधिकारी खटीमा रविंद्र सिंह बिष्ट को बताया है कि वह लगभग 3 वर्षों से कार्य कर रहे हैं उनका पीएफ भी नहीं कटता है और मासिक वेतन बांटने का कोई निश्चित समय नहीं है कभी-कभी उनको 2 माह तक वेतन नहीं दिया जाता है और वेतन मांगने पर उनको काम से हटाने की धमकियां दी जाती हैं बरसात के दिनों में कूड़ा डालने की व्यवस्था नहीं होने का कारण पर्यावरण मित्रों को अनुपस्थित दिखाया जाता है और अनुपस्थित दिखा कर उस दिन की दिहाड़ी काट ली जाती है। पर्यावरण मित्रों ने आरोप लगाया है कि उनका लगातार शारीरिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है।


उप जिलाधिकारी खटीमा रविंद्र सिंह बिष्ट से विनम्र निवेदन किया है कि उनको मानदेय शासनादेश अनुसार दिलाए जाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी करने की कृपा जिस पर उप जिलाधिकारी खटीमा रविंद्र सिंह बिष्ट ने पर्यावरण मित्रों की समस्या को गंभीरता से लिया है आवश्यक कार्रवाई कर उनको न्याय दिलाने का पूरा पूरा भरोसा दिया है।


