थाना विकासनगर क्षेत्रान्तर्गत हुई लूट की घटना में संलिप्त शातिर अभियुक्त आखिरकार पुलिस के हत्थे चढा गया है।गिरफ्तार अभियुक्त हरियाणा,गुजरात तथा उत्तर प्रदेश से कई बार जेल जा चुका है

थाना विकासनगर क्षेत्रान्तर्गत हुई लूट की घटना में संलिप्त शातिर अभियुक्त आखिरकार पुलिस के हत्थे चढा गया है।गिरफ्तार अभियुक्त हरियाणा,गुजरात तथा उत्तर प्रदेश से कई बार जेल जा चुका है

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रिपोटर -ब्यूरो रिपोट

स्थान -देहरादून

पुलिस की गिरफ्त में आया लुटेरा अमित कुमार पहले भी कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। उसके ऊपर विभिन्न राज्यों के थानों में 14 केस दर्ज है। दरअसल 23 मई को शेरदीन निवासी जाटोवाला थाना सहसपुर देहरादून ने कोतवाली विकासनगर पर आकर बताया की पैसे निकालने के लिए वह हर्बटपुर कोर्ट रोड स्थित पीएनबी बैंक गया था। बैंक से पैसा निकालने के बाद जब मैं पैदल हर्बटपुर की तरफ जा रहा था तभी दो मोटर साइकिल सवार युवक मुझसे मेरा पैसों का बैग छीनकर भाग गये। उक्त तहरीर के आधार पर कोतवाली विकासनगर पर तत्काल सम्बन्धित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। दिन-दहाडे हुई आपराधिक घटना की गम्भीरता के मध्यनजर एक विशेष टीम का गठन किया गया था । डीआईजी दिलीप सिंह कुंवर ने बताया की पूछताछ में अभियुक्त अमित ने बताया कि मैं और मेरा मित्र अविनाश उर्फ मोहित पुत्र रजवा निवासी 23 पीएसी के पास आदर्श कालोनी थाना सिविल लाईन मुरादाबाद उ0प्र0 हम दोनो मुरादाबाद के रहने वाले हैं। हम दोनो ही पढे लिखे नहीं हैं जिस कारण हम कहीं काम धंधा नही करते। हम नशे के आदी हैं, हम अपनी नशे की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये पूर्व में भी हरियाणा, गुजरात व उत्तर प्रदेश में इस प्रकार की कई घटनाओं को घटित कर चुके हैं। जिसके कारण हम पूर्व में कई बार गुजरात, हरियाणा व उत्तर प्रदेश से जेल जा चुके हैं।बाइट दिलीप सिंह कुंवर डीआईजी/ एसएसपी देहरादून दिनांक 21.05.23 मैं और अविनाश इसी प्रकार की किसी घटना को अजांम देने मेरी बाइक संख्या : एचआर-79-बी-0824 से हरिद्वार पहुंचे जहां हमने ललतारा पुल के पास स्थित अखण्ड भवन धर्मशाला में में कमरा लिया जहॉ से दिनांक 23.05.23 को हम बाइक से ही देहरादून पहुंचे जहां से हमारा पावंटा साहिब जाने का प्लान था।

हर्बटपुर पहुंचकर अविनाश ने हर्बटपुर में ही किसी घटना को अंजाम देने का प्लान बताते हुए कोर्ट रोड के पास पीएनबी बैंक के सामने बाइक रूकवाई। मैं बैंक के अन्दर जाकर अपने लिये आसान शिकार की तलाश करने लगा तथा अविनाश बैंक के बाहर ही मोटर साइकिल के पास खडा होकर स्थिती पर अपनी नजर रखने लगा। मैने बैंक के अन्दर जाकर देखा कि एक बुजुर्ग व्यक्ति अपने साथ बैठे एक अन्य व्यक्ति से बैंक से 05 लाख रू0 निकालने की बात कर रहा था। जिस पर मैं उस व्यक्ति के बैंक से रूपये निकालकर बाहर जाने की प्रतिक्षा करने लगा। बुजुर्ग व्यक्ति पैसे निकालकर जैसे ही बैंक से बाहर निकला तो मैने अपने दोस्त अविनाश को इशारा कर दिया। मैं भी उस व्यक्ति के पीछे बैंक से बाहर निकला और मैने बाइक स्टार्ट की अविनाश मेरे पीछे बैठ गया। बैंक से लगभग 100 मीटर दूरी पर पहुंचने पर हमने एक सूनसान स्थान पर उस व्यक्ति के हाथ बैग छीन लिया और हम वहां से फरार हो गये। बैग में रखे पैसे मैने निकालकर अपने पास रख लिये तथा बैग में रखे अन्य सामान चैक बुक व अन्य सामान को हमने बैग सहित कुल्हाल से पहले रोड के किनारे फेंक दिया। वहां से पांवटा साहिब होते हुए जगदारी के रास्ते हम लोग उत्तर प्रदेश आये और फिर वहां से बेहट, छुटमलपुर, भगवानपुर होते हुए वापस उसी धर्मशाला में आये जिसमें हम लोग पहले रूके थे। वंहा से अपना सामान उठाकर हम लोग धामपुर,नजीबाबाद के रास्ते मुरादाबाद पहुंचे। जहा पर हमने बैक से प्राप्त पांच लाख रू0 को आपस में बांट लिया। जिसमें से 03 लाख रू0 मैने अपने पास रखकर शेष 02 लाख रू0 अविनाश को दे दिये।

जहां से अविनाश पैसे लेकर मेरी मोटर साइकिल से अपने घर चला गया। अपने हिस्से में आये पैसों में से मैने लगभग 60 हजार रू0 अपने बच्चों की सालभर की फीस व उनकी किताबों आदि खरीदने में खर्च कर दिये गये। लगभग डेढ लाख रू0 लेकर मैं अपनी पत्नी व बच्चों को लेकर अपनी साली के पास मुबंई घूमने चला गया। दिनांक 06.06.23 को मैं मुम्बई से दिल्ली होते हुए वापस अपने घर मुरादाबाद जाने की तैयारी कर रहा थाए जहां दिल्ली रेलवे स्टेशन के बाहर मैं पेड के पास बैठकर मुरादाबाद जाने वाली बस का इंतेजार कर रहा था तभी देहरादून पुलिस ने मुझे गिरफ्तार कर लिया गया।