लोहाघाट में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, लोगों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

लोहाघाट में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, लोगों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

स्थान : लोहाघाट
ब्यूरो रिपोर्ट

लोहाघाट बुधवार सुबह लोहाघाट नगर के स्टेशन बाजार क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बच गया। प्रमुख राज्य आंदोलनकारी एवं अधिवक्ता नवीन मुरारी के भवन में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई, जिससे कुछ देर के लिए पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार सुबह करीब छह बजे भवन के एक कमरे से धुआं और आग की लपटें उठनी शुरू हुईं। देखते ही देखते आग ने कमरे में रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया और तेजी से फैलने लगी।

आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए आग बुझाने के प्रयास में जुट गए। स्थानीय लोगों ने आग को फैलने से रोकने के साथ ही भवन के अंदर फंसे परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

स्थानीय लोगों की तत्परता के चलते फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था। बाद में सूचना मिलने पर पहुंची लोहाघाट फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर पानी डालकर उसे पूरी तरह बुझा दिया।

आग की इस घटना में भवन स्वामी को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। जिस कमरे में आग लगी थी वहां रखा सोफा सेट, फर्नीचर तथा शादी समारोह के लिए रखा गया सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया।

फायर ब्रिगेड प्रभारी हंसदास सागर ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि फायर टीम ने मौके पर पहुंचकर आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया।

भवन स्वामी नवीन मुरारी ने बताया कि आग काफी तेजी से फैली थी और पूरा परिवार घर के अंदर फंस गया था। उन्होंने कहा कि पड़ोसियों और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। उन्होंने बताया कि घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, जिससे आग के कारण काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने राहत कार्य में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

घटना के दौरान लोगों ने आपातकालीन सेवा 112 की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आग लगने की सूचना देने के लिए 112 पर कॉल की गई, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई, जिससे फायर ब्रिगेड को सूचना देने में देरी हुई। लोगों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह घटना बड़े अग्निकांड में बदल सकती थी।