चित्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर में अतिक्रमण का आरोप, कत्युरी वंशजों ने सीओ से की कार्रवाई की मांग

चित्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर में अतिक्रमण का आरोप, कत्युरी वंशजों ने सीओ से की कार्रवाई की मांग

स्थान :हल्द्वानी
रिपोर्टर : संजय जोशी

रानीबाग स्थित प्राचीन पौराणिक चित्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर में कथित अतिक्रमण को लेकर कत्युरी साम्राज्य के वंशजों और स्थानीय संगठनों के एक शिष्टमंडल ने पुलिस क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी से मुलाकात की। शिष्टमंडल ने मंदिर परिसर की पवित्रता और धार्मिक स्वरूप से कथित छेड़छाड़ किए जाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।

शिष्टमंडल का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने मंदिर परिसर पर कब्जा कर वहां लोहे के एंगल और कीलें लगाई हैं। उनका कहना है कि इससे चित्रेश्वर महादेव मंदिर की प्राचीन संरचना और धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। शिष्टमंडल ने आरोप लगाया कि परिसर में तथाकथित शनि मंदिर का ढांचा खड़ा कर मूल धार्मिक स्वरूप को प्रभावित किया गया है।

शिष्टमंडल ने कहा कि रानीबाग का यह स्थल गढ़वाल-कुमाऊं की धार्मिक आस्था से जुड़ा पवित्र स्थान है। उनका आरोप है कि बिना अनुमति के यहां नया ढांचा खड़ा किया गया, जिसका पहाड़ी सनातनी समाज विरोध करता है। उन्होंने संबंधित मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

कत्युरी वंशजों ने दावा किया कि पूरा क्षेत्र पदमेश्वर महादेव, जिया माता और चित्रेश्वर के नाम से दर्ज भगवान की भूमि है। उन्होंने कहा कि यदि यहां अतिक्रमण या धार्मिक स्थल के मूल स्वरूप में बदलाव किया गया है तो इसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

शिष्टमंडल ने प्राचीन धार्मिक स्थलों की पौराणिकता और संरचना के संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि मंदिर की भूमि और स्वरूप से कथित छेड़छाड़ के मामले में कानून के तहत जांच कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

शिष्टमंडल ने कहा कि इस घटना की जानकारी से कत्युरी राजवंश से जुड़े लोगों और सनातन धर्मावलंबियों में नाराजगी है। उन्होंने पुलिस से मांग की कि पौराणिक चित्रेश्वर धाम, चित्राशिला घाट और मां जिया की तपोभूमि की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जाए।

इस दौरान पहाड़ी आर्मी के अध्यक्ष हरीश रावत ने चेतावनी दी कि यदि मामले में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई नहीं की गई तो पहाड़ी समाज आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि 29 अगस्त को चित्रेश्वर धाम रानीबाग में महापंचायत आयोजित करने की तैयारी है।

हरीश रावत ने कहा कि महापंचायत में कुमाऊं, गढ़वाल और नेपाल से कत्युरी राजवंश से जुड़े लोगों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि संगठन कथित अतिक्रमण के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएगा और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करेगा।

शिष्टमंडल में जिया माता समिति के अध्यक्ष रमेश मनराल, चंदन मनराल, पहाड़ी आर्मी के जिला अध्यक्ष फौजी राजेंद्र कांडपाल, प्रेमा मेर, देवेंद्र शालाकोटी, प्रदीप रौतेला, विनोद नेगी, अंजू पांडे, संतोष सिंह नेगी, कमलेश जेठी, कविता जीना, अनुराग भारती, इंद्र बिष्ट, मनोज रावत और जय रावत समेत अन्य लोग मौजूद रहे। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले में जांच एवं आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।