स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार


खटीमा ब्लॉक सभागार में आयोजित क्षेत्र पंचायत की बैठक उस समय हंगामे और नाराजगी का केंद्र बन गई, जब विकास कार्यों में कथित देरी और प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज करीब आठ क्षेत्र पंचायत सदस्य बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकल गए। क्षेत्र पंचायत सदस्य नेहा जोशी के नेतृत्व में सदस्यों ने बैठक से बाहर निकलकर अपनी नाराजगी जाहिर की।


क्षेत्र पंचायत प्रमुख श्रीमती सरिता राणा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्यों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।



बैठक के दौरान कुछ क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अपने क्षेत्रों में प्रस्तावित विकास कार्यों में कथित अनावश्यक देरी का मुद्दा उठाया। सदस्यों का कहना था कि कई बार लिखित रूप से विकास कार्यों के प्रस्ताव और क्षेत्र की समस्याएं संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखी जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद कई कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो सके हैं।

नाराज सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्होंने विकास कार्यों में तेजी लाने को लेकर ब्लॉक प्रमुख से भी कई बार आग्रह किया, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। सदस्यों का कहना था कि क्षेत्र की जनता उनसे विकास कार्यों को लेकर सवाल कर रही है, जबकि प्रस्ताव स्वीकृत होने के बावजूद काम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।

मामला बढ़ने पर क्षेत्र पंचायत सदस्य नेहा जोशी के साथ करीब आठ सदस्य बैठक से बाहर निकल गए। सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए विकास कार्यों में तेजी लाने और उनके द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर जल्द कार्रवाई की मांग की। उनके बैठक से बाहर निकलने के बाद कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया।


वहीं, सांसद प्रतिनिधि रविन्द्र राणा ने मामले को लेकर कहा कि सदस्यों के बीच जो भी अनबन हुई है, उसे बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि एक ही परिवार का हिस्सा हैं और आपसी संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान निकाला जाना चाहिए।



जिला विकास अधिकारी ऊधम सिंह नगर गोपाल गिरी ने भी नाराज क्षेत्र पंचायत सदस्यों की समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सदस्यों की ओर से उठाई गई समस्याओं और विकास कार्यों से संबंधित मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के आश्वासन के बाद फिलहाल मामला शांत हुआ और स्थिति सामान्य हुई। हालांकि, बैठक के दौरान सदस्यों की नाराजगी ने ब्लॉक स्तर पर विकास कार्यों की गति और प्रस्तावों पर कार्रवाई को लेकर चल रही खींचतान को उजागर कर दिया है।

क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य क्षेत्र की जनता से जुड़े विकास कार्यों को जल्द धरातल पर उतारना है। अब देखना होगा कि अधिकारियों की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद लंबित प्रस्तावों और विकास कार्यों पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।

