स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट


पिछले दो माह से शहीद स्थल झूला घर पर धरना-प्रदर्शन कर रहे पटरी व्यापारियों ने मंगलवार को कोतवाली पहुंचकर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। इस दौरान व्यापारियों ने नगर पालिका और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जताई।


पटरी व्यापारियों का आरोप है कि जब वे माल रोड पर अपना व्यवसाय करते थे, तब दिन समाप्त होने के बाद अपना सामान घर ले जाने के बजाय कसमंडा रोड पर सुरक्षित स्थान पर रख देते थे और अगले दिन वहीं से सामान लेकर व्यवसाय शुरू करते थे। उनका कहना है कि नगर पालिका द्वारा माल रोड से हटाने के बाद कुछ दिन पूर्व उनका सामान जब्त कर लिया गया, जिसकी उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई।



व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिना किसी नोटिस और जानकारी के उनका सामान जब्त करना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से वे इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।

धरना-प्रदर्शन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राणा ने कहा कि माल रोड पर कई स्थानीय परिवार वर्षों से पटरी व्यवसाय के माध्यम से अपना जीवनयापन कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका ने उनका सामान जब्त कर लिया, जिससे कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

प्रकाश राणा ने बताया कि पिछले दो माह से व्यापारी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। इससे व्यापारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

वहीं पटरी व्यापारी संजय टम्टा ने कहा कि व्यापारियों को किसी भी प्रकार की पूर्व सूचना दिए बिना उनका सामान जब्त कर लिया गया। उन्होंने बताया कि व्यापारी अपना सामान बक्सों में रखकर घर चले जाते थे और अगले दिन उसी सामान के साथ अपना व्यवसाय शुरू करते थे।



संजय टम्टा ने चेतावनी दी कि यदि नगर पालिका द्वारा जब्त किया गया सामान वापस नहीं किया गया तो पटरी व्यापारी न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की।
दूसरी ओर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने कहा कि वर्ष 2014 और 2016 की नियमावली के अनुसार नगर पालिका ने नियमानुसार कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर छोड़े गए सामान को हटाने का अधिकार नगर पालिका को है। साथ ही उन्होंने कहा कि माल रोड से हटाए गए पात्र पटरी व्यापारियों का अन्य स्थानों पर पुनर्वास किया जा चुका है और योग्य लोगों का पंजीकरण भी किया जा रहा है।


