ब्यूरो रिपोर्ट


आईपीएल में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित करने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के सामने अब वनडे क्रिकेट की नई चुनौती खड़ी हो गई है। टी20 प्रारूप में बेखौफ अंदाज से रन बनाने वाले वैभव को इंडिया ए की ओर से खेलते हुए 50 ओवर के क्रिकेट में लय और धैर्य के बीच संतुलन बनाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।


श्रीलंका में आयोजित ट्राई नेशन ए सीरीज में वैभव के बल्ले से रन तो निकल रहे हैं, लेकिन वह अपनी शुरुआत को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर पा रहे हैं। अब तक खेली गई चार पारियों में उन्होंने कुल 117 रन बनाए हैं, लेकिन कोई भी अर्धशतक या मैच जिताऊ बड़ी पारी नहीं खेल सके हैं।



सीरीज में वैभव ने 9 जून को श्रीलंका ए के खिलाफ 14 रन बनाए थे। इसके बाद 11 जून को अफगानिस्तान ए के खिलाफ उन्होंने 44 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। हालांकि इसके बाद भी वह बड़ी पारी खेलने से चूक गए।

15 जून को श्रीलंका ए के खिलाफ वह 21 रन बनाकर आउट हो गए। वहीं 17 जून को अफगानिस्तान ए के खिलाफ उन्होंने 28 गेंदों में 38 रन बनाए, जिसमें चार चौके और दो छक्के शामिल थे। इस पारी के दौरान उन्हें दो जीवनदान भी मिले, लेकिन वह मौके का पूरा फायदा नहीं उठा सके।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनका स्वाभाविक आक्रामक खेल है। आईपीएल में उन्होंने इसी शैली से सफलता हासिल की थी, जहां वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते थे।

वनडे क्रिकेट में परिस्थितियां अलग होती हैं, जहां बल्लेबाज को अपनी पारी लंबी खींचनी होती है और टीम को मजबूत स्थिति तक पहुंचाना होता है। ऐसे में वैभव शायद अपने प्राकृतिक खेल और परिस्थिति के अनुरूप बल्लेबाजी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में नजर आ रहे हैं।



विश्लेषकों का मानना है कि वैभव को अपनी आक्रामकता छोड़ने की नहीं, बल्कि उसे सही समय पर इस्तेमाल करने की जरूरत है। बड़े बल्लेबाज भी अपने स्वाभाविक खेल के साथ सफल होते हैं, लेकिन वे परिस्थितियों के अनुसार जोखिम और धैर्य का संतुलन बनाना सीख लेते हैं।
फिलहाल वैभव सूर्यवंशी के लिए यह दौर सीखने और खुद को निखारने का है। यदि वह वनडे क्रिकेट की जरूरतों को समझते हुए अपने आक्रामक अंदाज को सही दिशा दे पाए, तो भविष्य में वह केवल टी20 ही नहीं बल्कि सभी प्रारूपों में भारतीय क्रिकेट के महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन सकते हैं।


