इंडो डच कंपनी पर लगाया धोखाधडी़ का आरोप,कास्तकारों को वितरित किये घटिया सेब के पौध बागवानो को लगाया लाखों का चुना

इंडो डच कंपनी पर लगाया धोखाधडी़ का आरोप,कास्तकारों को वितरित किये घटिया सेब के पौध बागवानो को लगाया लाखों का चुना

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रिपोटर -दीपक नौटियाल

स्थान -उत्तरकाशी

उत्तरकाशी जनपद के नौगांव ब्लॉक के अंतर्गत यमुना घाटी के किसानों ने उन्नति योजना अंतर्गत इंडो डच कंपनी द्वारा दिए गए सेब के घटिया एवं रोग युक्त पौधे देने का आरोप लगाया है, क्षेत्र के किसानों ने उप जिलाधिकारी बड़कोट के माध्यम से जिलाधिकारी उत्तरकाशी को एक शिकायती पत्र भी भेजा है जिसमें घटिया एवं रोग युक्त पौधे देने का आरोप कंपनी के ऊपर लगाया है , जिलाधिकारी को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा कि उनको 250 पौधों की एक यूनिट में जो पौधे लगाए थे उसमें से 70 से 90% तक पौधे सूख गए हैं ,प्रगतिशील काश्तकारों ने बताया है कि इंडो डच कंपनी द्वारा कोको कोला कंपनी के सहयोग से उन्नति योजना किसानों की समृद्धि के लिए चलाई जा रही है

जिसमें किसानों के साथ छलावा किया जा रहा है , क्षेत्र के किसानों ने बताया कि इंडो डच कंपनी के द्वारा किसानों को निम्न और घटिया पौधे वितरित किए गए है, जिसमें किसानों को एक यूनिट में 250 पौधे ₹75000 में दिए गए , जिसका शेष भुगतान कोको कोला कंपनी के सीएसआर फंड से तथा उत्तराखंड सरकार करती है,किसानों की उन्नति के लिए दिया जाता है लेकिन कंपनी के द्वारा किसानों के साथ छलावा किया गया। इस दौरान कई किसानों ने बताया है कि उन्होंने बैंक से लोन लेकर बगीचे लगाने का कार्य किया है, 2 से ₹3 लाख रुपये ट्रेलिस सिस्टम, घेरबाड़,मल्चिंग, पाइपलाइन, ड्रिपिंग आदि में बैंक से लोन लेकर खर्च किए हैं, लेकिन अधिकतर पौधों के सुख जाने से अब बैंक को लोन वापस करने की समस्या उत्पन्न हो जाएगी , बागवानी के क्षेत्र में रोजगार के सपनों पर पानी फिरता दिख रहा है , क्षेत्र के कई किसानों ने आरोप लगाया है कि कंपनी कोई भी अधिकारी, कर्मचारी वार्तालाप नही कर रहे है , किसानों ने बताया कि कंपनी के डायरेक्टर कॉल, मैसेज का भी कोई रिप्लाई नहीं रहे हैं जिससे किसानों के पास विकट परिस्थिति आ गई है,

वही हिमरोल गांव के प्रगतिशील कृषक जगमोहन राणा बताते हैं कि किसानों ने मेरे कहने पर इस तरीके की हाई डेंसिटी फार्मिंग का निर्णय लिया ताकि किसानों की आय दोगुनी हो सके लेकिन उत्तराखंड में इस प्रकार के कंपनियां जो किसानों के साथ इस तरीके की ठगी कर रही हैं उन पर विभाग को कार्यवाही करनी चाहिए। साथ ही बताया कि अगर कंपनी के द्वारा समय रहते किसानों के हित में कार्य नहीं किया गया तो किसानों के द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।