श्री हेमकुंट साहिब प्रबंधन ने जारी की ताजी तश्वीर । 28 फौजी एवं इसके अतिरिक्त ट्रस्ट के सेवादार बर्फ की कटान

श्री हेमकुंट साहिब प्रबंधन ने जारी की ताजी तश्वीर । 28 फौजी एवं इसके अतिरिक्त ट्रस्ट के सेवादार बर्फ की कटान

रिपोर्टर – ब्यूरो

स्थान -चमोली

श्री हेमकुंट साहिब प्रबंधन ने जारी की ताजी तश्वीर । 28 फौजी एवं इसके अतिरिक्त ट्रस्ट के सेवादार बर्फ की कटान कर रहे हैं । आज मौसम बहुत अच्छा है धूप निकल रखी है अतः सभी के हौंसले बुलन्द हैं। 20 तारीख को कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये जाएँगे।

दरअसल नॉर्दन इंडिया के हिमालयन रेंज में 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब सिखों का मशहूर तीर्थस्थान है। गर्मियों के महिनों में यहां हर साल दुनियाभर से हजारों लोग पहुंचते हैं। सिखों के दसवें गुरु, गोबिंद सिंह की ऑटोबायोग्राफी ‘बछित्तर नाटक’ के मुताबिक, खुद गुरु गोबिंद सिंह ने अपने पिछले जन्म में यहां तपस्या की थी। ईश्वर के आदेश के बाद उन्होंने धरती पर दूसरा जन्म लिया, ताकि वे लोगों को बुराइयों से बचाने का रास्ता दिखा सकें। सात पहाड़ों से घिरा है हेमकुंड…
कहां है हेमकुंड साहिब : उत्तराखण्ड के चमोली जिले में है हेमकुंड साहिब। 15,200 फीट की ऊंचाई पर सात बर्फीले पहाड़ों से घिरी इस जगह पर एक बड़ा तालाब भी है, जिसे लोकपाल कहते हैं। यहां भगवान लक्ष्मण का एक मंदिर भी है।
मंदिर से जुड़ी मान्यता…


पहली मान्यता : एक अन्य मान्यता के मुताबिक, लक्ष्मण का पुराना अवतार एक सात सिर वाला सांप था, जिसे शेषनाग कहते थे। माना जाता है कि शेषनाग लोकपाल झील में तपस्या करते थे और विष्णु भगवान उनकी पीठ पर आराम करते थे।
दूसरी मान्यता : एक स्थानीय मान्यता के अनुसार, मेघनाथ के साथ युद्ध में घायल होने पर लक्ष्मण को लोकपाल झील के किनारे लाया गया था। यहां हनुमान ने उन्हें संजीवनी बूटी दी और वे ठीक हो गए। इसके बाद देवताओं ने आसमान से फूल बरसाए, जिसके बाद यहां फूलों की घाटी बनी। ये जगह आज ‘वैली ऑफ फ्लॉवर्स’ के नाम से जानी जाती है।


मौसम और परेशानियां : जून से अक्टूबर तक हेमकुंड साहिब का मौसम ट्रैकिंग के लिहाज से अनुकूल है। इस दौरान अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान -4 डिग्री तक पहुंच जाता है। अगस्त में यहां बारिश शुरू हो जाती है, जिस कारण पर्यटकों की संख्या में कुछ कमी आती है।