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रिपोर्टर- पंकज सक्सेना
स्थान- हल्द्वानी

19 कुमाऊं के पूर्व सैनिकों ने बटालियन का 44 वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। मां कालिका के चित्र पर दीप जलाकर और मां के जयकारों ने माहौल में जोश भर गया। आरटीओ रोड स्थित बैंकट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में गौरव सैनानी, वीरांगनाएं, वीर नारियों और उनके परिवारों के सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान वीरांगनाओं और वीर नारियों को सम्मानित किया गया।


कैप्टन कृपाल सिंह कोरंगा ने बटालियन का इतिहास और उपलब्धियों का साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्नीस कुमाऊं का पिछले 43 सालों के सेवाकाल में गौरवशाली इतिहास रहा है। बटालियन का पूर्ण रुप से संगठित होने के बाद अरुणांचल भारत-चीन सीमा पर तैनात किया गया। वहां पर अरुणांचल की अजेय मानी जाने वाली गोरीचेन पर्वत शिखर पर फतह हासिल की। मेजर भूपाल सिंह रौतेला ने कहा| कि उन्नीस कुमाऊं भारतीय सेना के इतिहास में पहली एकमात्र बटालियन है, जिसने भीषण सर्दी के मौसम और विपरीत हालात में कश्मीर श्रीनगर से पूरे युद्ध साजो सामान के साथ 450 किलोमीटर विश्व के ऊंचे और दुर्गम लंबे रास्ते को पैदल चलकर 40 फीट बर्फ से ढके जोजिला और खरदुंगला दर्रे को पार किया| और विश्व के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचीन ग्लेशियर पहुंचकर स्थाई चौकियां स्थापित कीं। इस दौरान कई पाकिस्तानी चौकियों को अपने कब्जे में लिया।


इस दौरान एक अफसर और 20 जवानों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान भी दिया। इस शहाहत के लिए ग्लेशियर में एक पोस्ट का नाम पुंडीर पोस्ट से भी सुशोभित किया गया है। उन्होंने बताया कि बटालियन ने आतंकवाद और उग्रवाद बाहुल्य क्षेत्रों में शांति, सद्भाव और स्थिरता कायम करने में भी बड़ी भूमिका निभाई। संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत प्रजातांत्रिक गणराज्य कांगो में विदेशी धरती पर भी शांति सेना के रूप में उत्कृष्ट कार्य का परिचय दिया।जिसके लिए 19 कुमाऊं बटालियन को कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र, विशिष्ट सेना मेडल और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ यूनिट साइटेशन जैसे कई सम्मानों से नवाजा गया। कार्यक्रम के दौरान घुघुति जागर टीम की ओर से एक से बढ़कर एक कुमाऊंनी गीतों की प्रस्तुति दी गईं। पूर्व सैनिकों ने पारंपरिक झोड़ा चांचरी “खोल दे माता खोल भवानी” गीत पर जमकर नृत्य किया। इस दौरान सैन्य परिवारों की वीर नारियों ने भी झूमकर खुशी का इजहार किया।


