

स्थान : ज्योर्तिमठ
ब्यूरो रिपोर्ट


औली आरआर प्वाइंट फॉरेस्ट में 5वें हिमालयन बर्ड काउंट डे के तहत पक्षी अवलोकन अभियान आयोजित किया गया। बर्ड वाचिंग क्लब औली ज्योर्तिमठ के तत्वावधान में आयोजित इस अभियान में क्षेत्र के पक्षी प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।


अभियान के दौरान हिमालयी पक्षी जैव विविधता का अध्ययन किया गया और विभिन्न पक्षियों की उपस्थिति को ई-बर्ड ऐप तथा बर्ड काउंट इंडिया के माध्यम से दर्ज किया गया। पक्षी विशेषज्ञों ने इसे संरक्षण और शोध के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।

बर्ड वाचिंग क्लब औली के अध्यक्ष एवं बर्ड एक्सपर्ट संजय कुंवर ने बताया कि हिमालयन बर्ड काउंट भारत, नेपाल और भूटान के हिमालयी क्षेत्रों में पक्षियों की विविधता को ट्रैक करने वाला वार्षिक नागरिक-विज्ञान अभियान है। इसका उद्देश्य हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में पक्षियों की आबादी की निगरानी और संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाना है।


उन्होंने बताया कि अभियान में स्थानीय लोग, छात्र, प्रकृतिवादी और पक्षी प्रेमी शामिल हुए। औली के ओक, कोनोफर और बांज-बुरांस के मिश्रित जंगलों में सुबह के दौरान कई दुर्लभ और प्रवासी पक्षियों की अच्छी साइटिंग दर्ज की गई।

अभियान के दौरान राज्य पक्षी मोनाल सहित हिमालयन ब्लू टेल, हिमालयन ग्रिफिन, बियर्ड वल्चर, कॉमन कुकू, लार्ज हॉक कुकू, रेड बिल्ड ब्लू मैगपाई, यूरोपियन गोल्ड फिंच, रॉक बंटिंग, कॉमन कैस्ट्रॉल और स्कारलेट फिंच जैसे कई दुर्लभ पक्षी देखे गए।


पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार इन प्रजातियों की मौजूदगी यह संकेत देती है कि क्षेत्र में हिमालयी पक्षी जैव विविधता का संतुलन अभी भी बरकरार है। यह पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक आवास की दृष्टि से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।


हिमालयन बर्ड काउंट प्रत्येक वर्ष मई के दूसरे शनिवार को आयोजित किया जाता है। यह आयोजन ग्लोबल बिग डे और स्थानिक पक्षी दिवस के साथ मिलकर हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण की दिशा में विशेष पहल के रूप में काम करता है।

इस वर्ष 9 मई 2026 को आयोजित अभियान में भारत से बर्ड काउंट इंडिया, नेपाल से बर्ड कंजर्वेशन नेपाल और भूटान से रॉयल सोसाइटी जैसे संगठनों ने सहभागिता की। अभियान में जयदीप भट्ट, रविंद्र कंडारी, दिनेश डिमरी, नीरज बिष्ट, संदेश चौहान और कृष्णा कुंवर सहित कई स्थानीय युवा बर्ड वॉचर्स ने सक्रिय योगदान दिया।

