कालाढूंगी के चन्का देवी मंदिर से जुड़ी है ग्रामीण लोगों की गहरी आस्था

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रिपोर्टर- भगवान मेहरा

स्थान- कालाढुंगी

कालाढूंगी मैं बैलपड़ाव से कोटाबाग मार्ग के देचोरी रेंज अंतर्गत घने जंगलों के बीच माता का एक मंदिर है| जहां आसपास के तमाम ग्रामीण इलाकों के लोगों की आस्था यहां से जुड़ी हुई है। प्रतिवर्ष ग्रामीण मिलकर इस मंदिर में भागवत कथा का आयोजन करते हैं, और भव्य भंडारे का भी आयोजन किया जाता है। घने जंगल के बीचों बीच यह मंदिर होने के बावजूद भी ऐसी आस्था कि ग्रामीण वन्य जीवों के भय की परवाह किये बिना ही यहां मन्नत मांगने पहुंचते हैं। बताया जाता है कि मंदिर जाते समय किसी भी ग्रामीण के साथ कोई अनहोनी घटना आजतक नहीं घटी है। यही वजह है कि लोगों में इस मंदिर की आस्था बढ़ती ही जाती है।

यह चंडिका माता का मंदिर है| जिसे लोग चन्का देवी मंदिर के नाम से भी पुकारते हैं। मान्यता के अनुसार माता चनका देवी सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाओ को पूर्ण करती है। हिन्दू नव वर्ष के उपलक्ष्य में यहां, ब्लाक कोटाबाग से जुड़े तमाम गांव समेत, कमोला, धमोला, बैलपड़ाव, चूनाखान आदि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग मिलकर यहां भाववत कथा और भंडारे का आयोजन करते हैं। इन दिनों यहां ग्रामीणों के सहयोग से भागवत का आयोजन किया जा रहा है। जहां तमाम श्रद्धालु इस मंदिर में पहुंच रहे हैं।