

रिपोर्टर : संजय जोशी
स्थान : हल्द्वानी

उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित थाना मुखानी क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां अवैध रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्र के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। मामले में एक नाबालिग युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।


शिकायतकर्ता जया अधिकारी ने थाना मुखानी में तहरीर देकर बताया कि उनके 17 वर्षीय पुत्र शुभम अधिकारी को नशे की लत के उपचार के लिए “संकल्प नशा मुक्ति समिति” में करीब दो माह पहले भर्ती कराया गया था। 21 तारीख को जब वह बेटे से मिलने गईं, तो वह सामान्य स्थिति में था।

परिजनों के अनुसार, उसी दिन बाद में उन्हें सूचना मिली कि उनका पुत्र बेहोश हो गया है और उसे सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया है। अस्पताल पहुंचने पर नशा मुक्ति केंद्र का कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं मिला।


चिकित्सकीय जांच में सामने आया कि युवक के किडनी और लीवर पर गंभीर असर पड़ा है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। इस घटना ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और क्षेत्राधिकारी अमित कुमार सैनी के पर्यवेक्षण में कार्रवाई की गई।

जांच के दौरान यह सामने आया कि संबंधित नशा मुक्ति केंद्र बिना पंजीकरण के संचालित हो रहा था और नाबालिग को अवैध रूप से वहां रखा गया था। साथ ही उपचार में गंभीर लापरवाही भी पाई गई।


इस आधार पर थाना मुखानी में एफआईआर संख्या 50/26 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 और मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम 2017 की धाराओं 87/108 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

पुलिस ने मामले में आरोपी आयुषी कपिल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

