

स्थान : खटीमा/ऊधम सिंह नगर
रिपोर्टर – अशोक सरकार

उत्तराखंड के खटीमा के इस्लामनगर स्थित तहसील में प्रस्तावित स्लैटर हाउस (बुचड़खाना) के टेंडर को लेकर विवाद गहरा गया है। शिवसेना और भवानी सेना के कार्यकर्ताओं ने टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है।


प्रदर्शन कर रहे संगठनों का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई है और पारदर्शिता का अभाव रहा है। उनका कहना है कि पूरी प्रक्रिया संदिग्ध प्रतीत होती है और इसमें बड़े स्तर पर धांधली की आशंका है।

शिवसेना के नेता बिक्रम बिष्ट और भवानी सेना के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि मौजूदा टेंडर को रद्द किया जाए। साथ ही, स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों और कुर्मांचल संस्करणों में विधिवत सूचना प्रकाशित कर नए सिरे से पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाए।


कार्यकर्ताओं ने मांस की कीमतों को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि पिछले वर्ष जहां मीट की कीमत 250 रुपये प्रति किलो थी, वहीं नए टेंडर के बाद इसके 360 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की संभावना है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

विरोध कर रहे संगठनों का यह भी दावा है कि स्लैटर हाउस से उत्पादित लगभग 80 प्रतिशत मीट बरेली भेजने की योजना है, जबकि केवल 20 प्रतिशत ही खटीमा में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे स्थानीय बाजार में आपूर्ति प्रभावित होने और असंतोष बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।


संगठनों ने पशुओं के कटान को लेकर भी सख्त नियम लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल वैध और स्वास्थ्य परीक्षण में पास पशुओं को ही काटने की अनुमति दी जाए और यह प्रक्रिया मवेशी डॉक्टरों तथा प्रशासन की निगरानी में होनी चाहिए।



बिक्रम बिष्ट ने चेतावनी दी है कि यदि इस विवादित टेंडर पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि स्थिति बिगड़ने पर सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

फिलहाल, विरोध कर रहे संगठनों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

