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रिपोर्टर- अज़हर मलिक

स्थान- काशीपुर

प्रधानमंत्री की बहुआयामी योजनाओं को धरातल पर कैसे पलिता लग रहा है| और कैसे सरकार के करोड़ों रुपये खर्च कर पानी में बहाये जा रहे हैं| ये देखने को मिला जनपद उधम सिंह नगर के काशीपुर में, जहां नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत करोड़ों खर्च कर टाईल्स रोड तो बनायी जा रही है| लेकिन इस पर अवैध रूप से किये गये अतिक्रमण के चलते इस योजना का लाभ जनता को नहीं मिल रहा है| यही नहीं जिस मंशा से योजना चलायी जा रही है| उस मंशा पर भी अधिकारी और नगर निगम पलिता लगा रहे हैं| आखिर कैसे स्वस्थ भारत की योजना पर लग रहा| गौरतलब है कि प्रधानमंत्री के स्वस्थ भारत अभियान और नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत प्रदूषण एवं पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड को केन्द्र सरकार द्वारा निर्देशित किया गया है| कि शहर की सड़कों के किनारे से उड़ने वाली धूल को खत्म करने के लिए सड़कों के किनारे टाईल्स रोड बनाकर धूल को कम किया जाए| जिससे वायु प्रदूषण में कमी हो, इसके लिए केन्द्र सरकार ने सबसे दूषित शहरों में काशीपुर को भी चयन किया है| जिसके लिए लगभग तीन करोड़ की धनराशि नगर निगम को आवंटित की गयी|


जिसके चलते नगर निगम ने रोड पेचिंग का कार्य भी शुरू कर दिया है| प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो सड़कों पर वाहनों की आवाजाही से धूल उड़ने से वायु प्रदूषण बहुत बढ़ रहा है| जिसको कम करने के लिए सड़कों के किनारे टाईल्स रोड बनाकर धूम में कमी भी आयेगी और सफाई करने में भी आसान होगा, वहीं विभाग का कहना है कि इसके लिए निगम को जिम्मेदारी दी गयी है, कि वो शहर की सडकों को स्वच्छ रखें| लेकिन दुर्भाग्य तो ये हैं कि सड़कों के किनारे अतिक्रमण के चलते इस योजना को पुरी तरह से पलिता लग रहा है| निगम जहां अतिक्रमण हटाने के बजाय शहर को अतिक्रमण का दाग लगा रहा है, वहीं लोक निर्माण विभाग का कहना है कि अतिक्रमण को लेकर जल्द ही सम्बन्धित विभागों के साथ मिलकर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। योजनाएं तो जनता के हितों को ध्यान में रख कर बनायी गयी, लेकिन इन योजनाओं के पीछे करोडों रुपये खर्च करने के बाद भी योजनाओं का लाभ आम जनता को नहीं मिल रहा है| नगर निगम भले ही अतिक्रमण कारियों से मोटी रकम वसूल कर अपने राजस्व को बढा रहा हो लेकिन जो जिम्मेदारी निगम की शहर को स्वच्छ रखने की है| उसकी तरफ निगम के अधिकारी देखने की जहमत तक नहीं कर रहे हैं| वहीं प्रधानमंत्री की बहुआयामी योजना को भी निगम के अधिकारी ठेंगा दिखा रहे हैं।


