

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार

उत्तराखंड में जनजातीय समुदायों के हितों और विकास को लेकर मूल आदिवासी जनजाति कल्याण संस्था ने राज्य में अलग जनजाति कार्य मंत्रालय स्थापित करने की मांग उठाई है। संस्था की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर जनजातीय समाज के सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के लिए पृथक मंत्रालय गठन की मांग की गई है।


संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश सिंह राणा की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तराखंड में थारू, बुक्सा, जौनसारी, भोटिया और राजी जैसी अनुसूचित जनजातियों के विकास के लिए विशेष योजनाओं की आवश्यकता है। इन समुदायों की समस्याओं के समाधान और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए अलग विभागीय व्यवस्था जरूरी है।



ज्ञापन में कहा गया है कि केंद्र सरकार जनजातीय समुदायों के विकास के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय के माध्यम से विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। इसी तर्ज पर उत्तराखंड में भी पृथक जनजाति कार्य मंत्रालय का गठन किया जाना चाहिए, जिससे जनजातीय समाज से जुड़े मुद्दों पर बेहतर तरीके से कार्य किया जा सके।


संस्था का कहना है कि अलग मंत्रालय बनने से जनजातीय समुदायों के शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण और अधिकारों से जुड़े कार्यों को मजबूती मिलेगी। इससे योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाने में भी सहायता मिलेगी।
ज्ञापन की प्रतिलिपि समाज कल्याण मंत्री, मुख्य सचिव और समाज कल्याण विभाग के सचिव को भी भेजी गई है। तहसीलदार वीरेंद्र सजवान ने बताया कि थारू जनजाति समाज के लोगों की ओर से पृथक जनजाति मंत्रालय बनाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है।

वहीं मूल आदिवासी जनजाति कल्याण संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश सिंह राणा ने मुख्यमंत्री से इस मांग पर सकारात्मक पहल करने की अपील की है।



