

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

मसूरी के उप जिला चिकित्सालय में उपचार नहीं मिलने के आरोप के बीच एक वर्षीय मासूम की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चे को इलाज नहीं मिल सका, जिसके चलते उसे देहरादून ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ना पड़ा। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।


मृतक बच्चे की मां ममता ने बताया कि उनके एक वर्षीय बेटे की तबीयत अचानक देर रात बिगड़ गई। वह सुबह करीब पांच बजे उसे लेकर उप जिला चिकित्सालय पहुंचीं, लेकिन अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। उनका आरोप है कि अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि डॉक्टर सुबह आठ बजे तक आएंगे।



महिला ने बताया कि बेटे की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। इसके बाद वह उसे लेकर लंढौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं, लेकिन वहां भी चिकित्सक उपलब्ध नहीं मिले। इलाज नहीं मिलने पर परिजन बच्चे को देहरादून ले जाने के लिए रवाना हुए।

परिजनों के अनुसार, देहरादून पहुंचने से पहले झड़ीपानी के पास ही मासूम ने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि कुछ ही दिनों बाद बच्चे का पहला जन्मदिन मनाया जाना था और परिवार उसके जन्मदिन की तैयारियों में जुटा था, लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
ममता ने आरोप लगाया कि मसूरी में स्वास्थ्य सुविधाओं का गंभीर अभाव है। उनका कहना है कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता और अधिकांश मामलों में उन्हें देहरादून रेफर कर दिया जाता है, जिससे कई बार मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है।

गौरतलब है कि इसी दिन कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी द्वारा उप जिला चिकित्सालय को अत्याधुनिक चिकित्सा मशीन भेंट की गई थी। ऐसे में अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपलब्धता और उपचार में कथित लापरवाही के आरोपों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


स्थानीय लोगों का कहना है कि मसूरी एक प्रमुख पर्यटन स्थल होने के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। हर वर्ष लाखों पर्यटक यहां आते हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों का अभाव बना हुआ है।
फिलहाल इस मामले ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर नई बहस छेड़ दी है। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

